देहरादून, [जेएनएन]: गढ़वाल कमिश्नर के यहां अटैच जिलाधिकारी उत्तरकाशी के पीए पर वेतन के लिए फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है। आरोपित यहां कमिश्नर के पीए का कार्य देख रहा था। प्रकरण सामने आने पर कमिश्नर ने आरोपित से स्पष्टीकरण तलब करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। 

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी का पीए (वैयक्तिक सहायक) पिछले कुछ वर्षों से दून में अटैच था। यहां जिलाधिकारी कार्यालय, एसडीएम मसूरी के बाद पीए को कमिश्नर कार्यालय में अटैच किया गया। आरोप है कि उसने यहां कई दिनों तक कमिश्नर के पीए का काम देखा, लेकिन प्रमोशन के बाद स्थायी पीए की नियुक्ति होने पर उसे मूल तैनाती पर वापस भेजने के आदेश दिए गए, लेकिन वह वापस नहीं गया। 

इस दौरान आरोपित का वेतन उत्तरकाशी जिले से निकल रहा था। आरोप है कि इस बीच आरोपित पीए ने वेतन पाने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हस्ताक्षर से फर्जी प्रमाण पत्र बनाते हुए जिलाधिकारी उत्तरकाशी को भेजा। जहां पहले से ही आरोपित का रिलीविंग लेटर पहुंच चुका था। जिलाधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर दफ्तर से जानकारी ली। जहां से पत्र फर्जी होने की बात कही गई। 

इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने फर्जी तरीके से उनके हस्ताक्षर का प्रमाण पत्र बनाने की शिकायत कमिश्नर से की। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद गढ़वाल कमिश्नर शैलेश बगोली ने आरोपित से स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। साथ ही गढ़वाल के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हरक सिंह रावत को जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

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Posted By: Raksha Panthari