ऋषिकेश, हरीश तिवारी। कुंभ मेला 2021 के लिए सिंचाई विभाग नरेंद्र नगर खंड मुनिकीरेती की ओर से करवाए जा रहे गंगा तट पर घाट के निर्माण में गड़बड़झाला उजागर हुआ है। कुंभ मेला बजट के 12.80 करोड़ की लागत से यह निर्माण होना है, जबकि हैरानी की बात ये है कि विभाग के साथ ठेकेदार का अनुबंध मात्र 5.92 करोड़ की राशि दर्शा रहा है। अपर मेला अधिकारी ने इस भिन्नता और अनियमितता की टेक्निकल सेल से जांच कराने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने मुनिकीरेती पूर्णानंद घाट और आसपास क्षेत्र में वर्ष 2017 में गंगा पथ मरीन ड्राइव निर्माण कार्य की घोषणा की थी। जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत नरेंद्र नगर विकास खंड में गंगा नदी तट पर मुनिकीरेती में अवशेष आस्था पथ का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण योजना तैयार की गई। कुंभ मेला निधि से इस योजना के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस काम में 1280.10 लाख खर्च होना है। कार्य का प्रारंभ दो नवंबर 2019 को किया गया और समाप्ति एक अगस्त 2020 को होनी है।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा में अवशेष आस्था पथ का निर्माण कार्य 300 मीटर, क्षतिग्रस्त आस्था पथ का सुदृढ़ीकरण का कार्य 600 मीटर और योग महोत्सव घाट का निर्माण कार्य 287 मीटर में होना है। सिंचाई खंड नरेंद्र नगर को कार्यदाई संस्था बनाया गया है। यह कार्य सत्य साईं बिल्डर एवं कांट्रेक्टर बरेली को सौंपा गया है। यह सभी जानकारी पूर्णानंद घाट और स्वामीनारायण आश्रम के समीप हो रहे निर्माण स्थल पर बोर्ड के जरिए डिस्प्ले की गई है। मुख्य सचिव उत्तराखंड उत्पल कुमार ने दो दिसंबर 2019 को जारी आदेश में स्पष्ट किया था कि कुंभ मेला निधि से होने वाले कार्यों को टुकड़ों में बांटना उत्तराखंड अधिप्राप्ति अधिनियम 2017 प्रावधान के विपरीत होगा। ऐसा होता है तो राज्य हित नकारात्मक रूप से प्रभावित होंगे।

विभागीय सूत्रों की माने तो जिस फर्म को यह काम दिया गया उसे अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग टिहरी ने 26 अक्टूबर 2019 को जो पत्र जारी किया उसमें इस कार्य की लागत 592.26 लाख लिखी गई है जबकि स्वीकृति योजना करीब 1280.10 लाख की है।

मेला हेल्पलाइन और अधिकारियों के नंबर गायब

कुंभ मेला 2021 के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मेला अधिकारी दीपक रावत के द्वारा कार्य स्थल पर लगाए जाने वाले बोर्ड का फॉर्मेट सभी विभागों को जारी किया गया था। मुनिकीरेती गंगा तट पर जो बोर्ड लगा है उसमें इन बातों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। इसमें अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता,अपर सहायक अभियंता का नाम और मोबाइल नंबर लिखा जाना जरूरी है। इस बोर्ड में कुंभ मेला हेल्पलाइन नंबर 1334- 224457 लिखना भी आवश्यक है। इन बातों का यहां खयाल नहीं रखा गया है। मौके पर गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत करना चाहे तो नहीं कर सकता।

अधिकारियों तक पहुंच चुका है वीडियो 

मुनिकीरेती गंगा तट पर अब तक जो निर्माण हो चुका है। यदि उसकी खुदाई कर जांच की जाती है तो सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य में अनियमितता संबंधी वीडियो भी अधिकारियों तक पहुंचा था। प्लेटफार्म में मिट्टी का भरान किया गया, ऊपर से पक्का निर्माण कर दिया गया। इन आरोपों में कितनी सच्चाई है यह टेक्निकल सेल की जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

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डॉ. एलएन मिश्रा (अपर मेलाधिकारी, कुंभ मेला) का कहना है कि कुंभ मेला कार्यों में समय सीमा, गुणवत्ता और मानकों का पालन करने के निर्देश सभी कार्य संस्थाओं को जारी किए गए थे। गुणवत्ता की जांच के लिए टेक्निकल सेल बनाई गई है। संबंधित मामले की जांच टेक्निकल सेल की टीम से कराई जाएगी। 

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