जागरण संवाददाता, देहरादून: क्लेमेनटाउन में दबंगों ने सरेआम बुलडोजर से कोठी तोड़कर गुंडागर्दी की और घर के अंदर रखा सामान ले गए। ताज्जुब तो यह है कि क्लेमेनटाउन थाना पुलिस चुपचाप तमाशा देखती रही। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष क्लेमेनटाउन नरेंद्र गहलावत को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

वरिष्ठ नागरिक कुसुम कपूर ने बताया कि उनके पति विनोद कुमार कपूर नेवी में कमांडर थे। वह परिवार सहित 1996 से क्लेमेनटाउन स्थित सुभाष नगर में रह रहे थे। जबकि इससे पहले उनके रिश्तेदार इस मकान में रहते थे। उनका केयर टेकर के साथ मकान खाली करने को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। फरवरी 2021 में उनके पति का निधन हो गया। उनकी बेटी दिमागी तौर पर अस्वस्थ है, उसे साथ लेकर वह सात जनवरी को नोएडा गई थी। इस दौरान घर पर सिर्फ केयर टेकर व पीजी में रह रहे छात्र थे। 12 जनवरी की सुबह उन्हें पड़ोस में रहने वालों ने सूचना दी कि उनके मकान को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। इसके बाद वह देहरादून पहुंचीं तो तब तक दबंगों ने मकान को तहस-नहस कर दिया था और वह मकान के अंदर वर्षो पुराना कीमती सामान, लाखों के गहने, उनके पति के अवार्ड व अन्य सामान ट्रकों में भरकर ले गए। वह शिकायत करने थाने में पहुंचीं तो थानाध्यक्ष ने दबंगों का पक्ष लिया और उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद वह न्याय की गुहार लगाकर इधर-उधर भागती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने डीजीपी से शिकायत की। डीजीपी ने दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इस मामले में पुलिस ने 17 जनवरी को तीन नामजद व 40 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। हल्की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

मकान गिराने की सूचना जब पुलिस महानिदेशक के पास पहुंची तो उन्होंने आरोपितों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बावजूद थानाध्यक्ष ने हिसा, बिना अनुमति घर में घुसने व मारपीट जैसी हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इस पर डीजीपी ने नाराजगी जताते हुए आरोपितों के खिलाफ डकैती व अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की मौजूदगी में तोड़ा गया घर

शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में पीड़िता ने बताया कि जिस समय बुलडोजर से उनके घर को तोड़ा जा रहा था, पुलिस वहां पर मौजूद थी। किसी ने भी उन्हें नहीं रोका। जब उन्होंने थानाध्यक्ष से शिकायत की तो उन्होंने उल्टा कार्रवाई करने की धमकी देकर उन्हें वहां से भगा दिया। वीडियो में थानाध्यक्ष का सरकारी वाहन व अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर नजर आ रहे हैं। घर से बेघर हुए तो नेवी ने दिया सहारा

मकान टूटने से सड़क पर आए परिवार को नेवी ने सहारा दिया है। नेवी ने उन्हें नेशनल हाइड्रोग्राफिक आफिस में रहने की जगह दी है। कुसुम कपूर ने बताया कि वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। ऐसे में उन्होंने नेवी के अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। मामला बेहद गंभीर है। जब मेरे पास यह मामला आया तो थानाध्यक्ष को तुरंत गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए। प्रथम दृष्टयता थानाध्यक्ष की लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।

- अशोक कुमार, डीजीपी, उत्तराखंड

Edited By: Jagran