देहरादून, जेएनएन। कैंट बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सिविल एरिया में भी अब अमृत योजना के तहत सीवरेज, पेयजल, सौंदर्यीकरण, सड़क व नाली निर्माण आदि विकास कार्य हो सकेंगे। केंद्र सरकार द्वारा संचालित अमृत योजना अब तक शहरी निकायों में ही लागू थी। लेकिन अब कैंट क्षेत्र में भी इस योजना से विकास कार्य करने के संदर्भ में भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। कैंट क्षेत्र में रहने वाली सिविल आबादी पिछले लंबे समय से यह मांग कर रही थी। अब उत्तराखंड के अंतर्गत आने वाले क्लेमेनटाउन, गढ़ी कैंट व अन्य सात छावनी परिषदों को भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा।

इधर, केंद्र से आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार को धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने क्लेमेनटाउन स्थित छावनी परिषद कार्यालय पहुंचकर कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। विधायक ने कहा कि छावनी परिषद के सिविल एरिया में अमृत योजना से जो भी विकास कार्य कराने हैं उनका प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए। ताकि राज्य सरकार से इस योजना के तहत कैंट के लिए बजट पास कराया जा सके। 

बैठक में मौजूद भाजपा नेता महेश पांडे ने कहा कि क्लेमेनटाउन में झील का सौंदर्यीकरण, लेन नंबर एक में कैंट की खाली पड़ी 12 एकड़ भूमि पर स्पो‌र्ट्स कांप्लेक्स आदि कार्य अमृत योजना से किए जा सकते हैं। इस पर विधायक ने कैंट बोर्ड के सीईओ से कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में इन योजना के प्रस्ताव पारित कराए जाएं। इसके बाद उन्होंने कैंट के अधिकारियों के साथ वार्डो का दौरा कर लोगों की समस्याएं भी सुनी। न्यू गुरुद्वारा कॉलोनी के लोगों ने भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित पेयजल योजना के तहत लाइन बिछाने व नाली निर्माण की मांग की। इस दौरान भाजपा नेता मोहन जोशी, अरुण थपलियाल, कैंट के जूनियर इंजीनियर बृजेश गुप्ता, विमल सिसौदिया, पूनम पांडे, सुदामा जुयाल आदि भी उपस्थित रहे।

गढ़ी-डाकरा में अतिक्रमण की भरमार

कैंट युवा समिति ने छावनी परिषद देहरादून से गढ़ी-डाकरा में अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की है। इस संदर्भ में मुख्य अधिशासी अधिकारी तनु जैन को ज्ञापन प्रेषित किया है। समिति के अध्यक्ष राजन बस्नेत ने कहा कि गढ़ी-डाकरा में जगह-जगह अतिक्रमण है। कई जगह अवैध खोखे लगे हैं और ठेलियां भी आवाजाही बाधित कर रही हैं। इन्हें कैंट बोर्ड के ही कर्मचारियों ने शह दी हुई है। अतिक्रमण के मुद्दे पर पहले भी कैंट बोर्ड में कई बार शिकायत की गई, पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

आज स्थिति ये है कि बाजार में निकल पाना भी मुश्किल हो रहा है। हद ये कि कई स्थानीय नेताओं ने भी अतिक्रमण कर रखा है। कैंट बोर्ड ने लाखों रुपये खर्च कर डाकरा बाजार से गढ़ी चौक तक टाइल लगाकर फुटपाथ का निर्माण किया। पर इस पर भी कब्जे हो गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर दून में तमाम जगह अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला, पर कैंट बोर्ड सुध लेने को तैयार नहीं है। जिससे जनता में भी रोष पनप रहा है।

 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस