जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड के प्रख्यात पर्यावरणविद रहे पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पेंशन आश्रित के रूप में उनकी पत्नी विमला बहुगुणा के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। पेंशन की राशि भी शनिवार को उनके खाते में जारी कर दी गई।

शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखकर स्वर्गीय बहुगुणा के पुत्र राजीव नयन बहुगुणा ने नाराजगी जताई थी कि आश्रित पेंशन के उनके आवेदन पत्र मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय ने गुम कर दिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि दोबारा आवेदन पत्र जमा करने के बाद भी उनकी सुध नहीं ली जा रही है। हालांकि, इसके बाद शनिवार को मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय ने पेंशन की कार्रवाई पूरी कर दी।

इस मामले में मुख्य कोषाधिकारी रोमिल चौधरी का कहना है कि पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा की मृत्यु 21 मई 2021 को हुई थी। जब इसकी सूचना मिली तो पेंशन रोक दी गई। उनके स्वजन ने आश्रित पेंशन के लिए आवेदन किया और उसके तत्काल बाद से पेंशन हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। पेंशन प्रपत्र में पद्मविभूषण बहुगुणा की पत्नी का नाम नहीं था। लिहाजा, इस स्थिति में विभिन्न शासनादेशों का अवलोकन कर समाधान निकाला गया।

इसके बाद 24 जुलाई को आश्रित पेंशन के रूप में बहुगुणा की पत्नी का सत्यापन भी कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पेंशन मिलने में आ रही अड़चन या आवेदन पत्र गायब होने की शिकायत उनके समक्ष नहीं आई। अन्यथा किसी भी असुविधा पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाती।

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Edited By: Raksha Panthri