जागरण संवाददाता, देहरादून: Dengue in Uttarakhand : डेंगू का डंक कमजोर हो नहीं रहा है। डेंगू की बीमारी फैलाने वाले एडीज मच्छर की सक्रियता बढ़ती जा रही है। गुरुवार को भी प्रदेश में 36 और लोग में डेंगू की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा 35 मामले देहरादून जनपद में आए हैं। इसके अलावा टिहरी में एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है।

राज्य में इस साल डेंगू के 695 मामले मिल चुके हैं। इनमें 460 मामले देहरादून जिले से रिपोर्ट हुए हैं। हालांकि अधिकांश डेंगू पीड़ित मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। वर्तमान में जो लोग डेंगू से पीड़ित हैं, उनकी स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है जिन क्षेत्रों में डेंगू के नए मामले मिले हैं, वहां पर सघन फागिंग व दवा का छिड़काव किया गया।

आसपास के लोग को भी डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया गया। नगर निगम, छावनी परिषद व नगर पालिका के साथ समन्वय बनाकर निरंतर डेंगू निरोधात्मक अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशाएं लोग को डेंगू से बचाव की जानकारी दे रही हैं।

ऋषिकेश में बढ़ रहा डेंगू का डंक, 17 नए मामले

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : तीर्थ नगरी ऋषिकेश के नगरीय इलाकों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं। गुरुवार को 17 नए मामले सामने आए हैं, जिसमें चार मामले छिद्दरवाला क्षेत्र के हैं।

ऋषिकेश के नगर और ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू का डंक बढ़ता ही जा रहा है। क्षेत्र में डेंगू के मामले कम होने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि अब ग्रामीण क्षेत्र में भी डेंगू पैर पसारने लगा है। श्यामपुर न्याय पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत छिद्दरवाला ग्राम सभा क्षेत्र में गुरुवार को चार नए मामले सामने आए हैं।

जबकि गुमानीवाला श्यामपुर आदि क्षेत्र में पहले से ही कई मामले सामने आ चुके हैं। राजकीय चिकित्सालय के स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एसएस यादव ने बताया कि गुरुवार को कुल 17 व्यक्तियों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिनमें नगर क्षेत्र के सात टिहरी गढ़वाल से जुड़े मुनिकीरेती क्षेत्र के छह मामले शामिल हैं।

शिथिल पड़ा अभियान

तीर्थनगरी में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रमुख विभागों की ओर से जो भी अभियान चलाया गया था वह अब शिथिल पड़ता नजर आ रहा है। एम्स ऋषिकेश के सहयोग से सेवन प्लस अभियान शुरू किया गया था। जिसके पूरा होने के बाद सेवन प्लस वन यानी रविवार को अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था।

शेष दिनों में अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती नजर आ रही है। नगर क्षेत्र में फागिंग जरूर हो रही है। घर-घर जाकर जागरूक करने का अभियान दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा है। नगर निगम की महापौर संगठन के सम्मेलन में गुजरात दौरे पर हैं और नगर आयुक्त जर्मनी की यात्रा पर हैं।

नगर निगम के स्तर पर अभियान भगवान भरोसे है। हालांकि उपजिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी तहसील दिवस के रोज सभी प्रमुख विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर विभागों में स्वच्छता अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए कहा था। विभागों के स्तर पर भी कार्रवाई के रूप में अभी तक खामोशी नजर आती है।

Edited By: Nirmala Bohra