देहरादून, जेएनएन। कोरोना के बीच बेमौसमी बारिश और अब गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। जिससे डेंगू-मलेरिया का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी ने सभी निकायों को निर्देश जारी कर वृहद स्तर पर फॉगिंग व लार्वा नाशक दवाओं के छिड़काव को कहा है। इसके अलावा संभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। सीएमओ ने कहा कि डेंगू का मच्छर दिन के समय ही काटता है। ऐसे में पूरी बाजू के कपड़े पहनना चाहिए। जिससे पूरा शरीर ढका रहे। बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। कहा कि डेंगू के रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है।

मच्छर रोधी अभियान शुरू

सीएमओ ने कहा कि बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपने खून की जाच कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी ने शहर व आसपास निकायों की मदद से मच्छर रोधी अभियान शुरू कर दिया है।

मच्छरों से बचाव के उपाय

-पक्षियों और पशुओं के पानी का बर्तन, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर, डिस्पोजल बर्तन-गिलास आदि में पानी न रहने दें। टंकियों को ढक कर रखें। प्रत्येक सप्ताह कूलर को खाली करके सुखा कर ही उपयोग में लाएं।

-मच्छर रोधी क्रीम, क्वाइल, रिपेलेंट आदि का उपयोग करें।

-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरी बांह के कपड़े पहनें।

-घर में कीटनाशक का नियमित रूप से छिड़काव करें।

-घर के आसपास अनावश्यक एकत्र पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल/मिट्टी का तेल डाल दें।

डेंगू के लक्षण

अचानक तेज सिर दर्द और बुखार, मासपेशियों-जोड़ों में तेज दर्द, आखों के पीछे दर्द, जी मचलाना और उल्टी, गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़े से खून और त्वचा पर चकते उभरना।

मलेरिया के लक्षण

अचानक बहुत ठंड लगकर तेज बुखार आने के साथ ही दांत बजना, रोगी का बहुत ओढावन चाहना, शरीर में जलन, सिर और बदन दर्द, पसीना आकर बुखार उतरना।

उत्तराखंड में प्रतिबंधित होंगे 27 कीटनाशक

केंद्र सरकार की ओर से 27 कीटनाशकों को प्रतिबंधित किए जाने की अधिसूचना जारी होने के बाद अब राज्य में भी इन्हें प्रतिबंधित किया जा रहा है। कृषि कार्यों में उपयोग में लाए जा रहे कीटनाशकों से मनुष्य और पशु-पक्षियों व जलीय जीवों पर पड़ रहे असर के मद्देनजर केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों से रिपोर्ट मांगी।

इसमें बात सामने आई कि 27 कीटनाशकों के इस्तेमाल से मनुष्य, पशु-पक्षियों, जलीय जीवों के लिए जोखिम उत्पन्न हो सकता है। कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार केंद्र सरकार ने अपने गजट नोटिफिकेशन में जिन कीटनाशकों को खतरनाक माना है, उन्हें यहां भी बैन किया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

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ये कीटनाशक किए बैन 

ऐसफेट, अल्ट्राजाईन, बेनफराकारब, बुटाक्लोर, कैप्टन, कारबेडेंजिम, काबरेफ्यूरान, क्लोरप्यरिफॉस, 2.4-डी, डेल्टामेथ्रीन, डिकोफॉल, डिमेथोट, डाइनोकैप, डियूरॉन, मालाथियॉन, मैनकोजेब, मिथोमिल, मोनोक्रोटोफॉस, ऑक्सीफ्लोरीन, पेंडिमेथलिन, क्यूनलफॉस, सलफोसूलफूरोन, थीओडीकर्ब, थायोफनेट मिथाइल, थीरम, जीनेब व जीरम।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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