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Delhi-Dehradun Expressway: सावधान! इकोनॉमिक कॉरिडोर पर दौड़ रही 'मौत', जरा संभलकर करें सफर

Published: Fri, 17 Apr 2026 09:03 AM (IST)

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर वाहन चालक 100 किमी/घंटा की रफ्तार के बावजूद गलत दिशा में चल रहे हैं।

HighLights

  1. एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा से आ रहे वाहन

  2. 100 किमी/घंटा की रफ्तार पर भीषण हादसे का डर

  3. ग्रामीण संपर्क मार्ग और कम निगरानी मुख्य कारण

अंकुर अग्रवाल, देहरादून। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) पर तेज रफ्तार का रोमांच अब लापरवाही के कारण खतरे में बदलता दिख रहा है।

जिस मार्ग पर वाहन 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रहे हैं, उसी पर बागपत के खेकड़ा क्षेत्र समेत शामली, सहारनपुर के बिहारीगढ़ आदि स्थानों पर ट्रक, टैंकर, कार और अन्य वाहन बेखौफ रांग साइड से गुजर रहे हैं।

सामने से अचानक भारी वाहन आ जाने से एक्सप्रेसवे पर चल रहे वाहन चालकों के सामने कुछ सेकंड में निर्णय लेने की स्थिति बन रही है। यही वजह है कि हर गुजरते मिनट के साथ बड़े हादसे की आशंका गहराती जा रही है।

कई चालकों ने अचानक ब्रेक लगाकर वाहन को संभाला

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो ने स्थिति की गंभीरता उजागर कर दी है। वीडियो में साफ दिखा रहा है कि भारी वाहन विपरीत दिशा से आते हुए तेज रफ्तार वाहनों के सामने पड़ रहे हैं। कई चालकों को अचानक ब्रेक लगाकर वाहन को संभालना पड़ा। अभी तक दुर्घटना टली हुई है, लेकिन हालात बता रहे हैं कि यह राहत स्थायी नहीं मानी जा सकती।

एक्सप्रेसवे के आसपास ग्रामीण संपर्क मार्ग फिलहाल सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आए हैं। कई जगह स्थानीय वाहन चालक दूरी बचाने के लिए सीधे गलत दिशा से एक्सप्रेसवे पर चढ़ रहे हैं। टोल संचालन अभी शुरू नहीं होने से प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी भी उतनी कड़ी नहीं है। जहां स्थायी बैरिकेडिंग नहीं लगी, वहां से छोटे वाहन ही नहीं बल्कि भारी ट्रक और टैंकर तक बिना रोकटोक पहुंच रहे हैं।

सामान्य सड़क दुर्घटना से कहीं घातक

विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर रांग साइड चलना सामान्य सड़क की तुलना में कई गुना अधिक घातक है, क्योंकि यहां चालक सामने से वाहन आने की उम्मीद नहीं करता।

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के अनुसार 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति में आमने-सामने टक्कर का मतलब सीधे भीषण दुर्घटना है। भारी वाहन शामिल होने पर नुकसान कई गुना अधिक बढ़ सकता है। यात्रियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अभी कड़ाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह लापरवाही बड़ी चुनौती बन जाएगी।

ग्रामीण संपर्क मार्ग बने सबसे बड़ी कमजोरी

एक्सप्रेसवे के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े कई अस्थायी संपर्क मार्ग फिलहाल सबसे बड़ा जोखिम बन गए हैं। स्थानीय वाहन चालक दूरी बचाने और जल्दी पहुंचने के लिए इन्हीं कटों से सीधे गलत दिशा में एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर रहे हैं। क्योंकि अभी टोल संचालन शुरू नहीं हुआ है, इसलिए कई प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी सीमित है। जहां स्थायी बैरिकेडिंग नहीं है, वहां से वाहन बिना रोकटोक चढ़ रहे हैं।

लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे जैसे नियंत्रित मार्ग पर यदि शुरुआती दिनों में ही कड़ाई नहीं हुई तो गलत दिशा में चलना सामान्य व्यवहार बन जाएगा। कई यात्रियों ने मांग की कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की स्थायी तैनाती हो और रांग साइड चलने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

वीकेंड पर और बढ़ सकता है दबाव

अवकाश के दिनों में दिल्ली और आसपास से बड़ी संख्या में वाहन देहरादून की ओर बढ़ रहे हैं। ट्रैफिक बढ़ने के साथ यह खतरा और गंभीर हो सकता है।

तुरंत जरूरी कदम

  • हर संवेदनशील कट पर मजबूत बैरिकेडिंग
  • हाईवे पेट्रोलिंग की तैनाती
  • सीसीटीवी निगरानी और चालान
  • रांग साइड चलने वालों पर वाहन जब्ती

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