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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे : उत्तर भारत की यात्रा का नया सुपर कॉरिडोर, ये है खासियत

Published: Tue, 14 Apr 2026 09:48 AM (IST)

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से देहरादून अब एनसीआर ही नहीं, पूरे उत्तर भारत के लिए एक प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्र बन जाएगा। यह ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे.

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अंकुर अग्रवाल, देहरादून । दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ देहरादून केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के और करीब नहीं आएगा, बल्कि उत्तर भारत के कई बड़े शहरों के लिए भी तेज और सुगम सड़क संपर्क का केंद्र बन जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे देहरादून को सहारनपुर बाईपास मार्ग से जोड़कर अंबाला कॉर‍िडोर तक पहुंच देता है, जिससे हरियाणा, चंड़ीगढ़, पंजाब और जम्मू क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

अब तक पंजाब, चंड़ीगढ़, हरियाणा व जम्मू से देहरादून आने-जाने वाले यात्रियों को शहरी ट्रैफिक, कस्बाई जाम और मिश्रित हाईवे दबाव झेलना पड़ता था, लेकिन नए हाई-स्पीड कॉर‍िडोर से यात्रा अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध होगी।

देहरादून प्रवेश द्वार पर स्थित प्राचीन मां डाट काली मंदिर को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा व जम्मू क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु यहां रुककर दर्शन कर सकेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना केवल सड़क संपर्क नहीं, बल्कि देहरादून को उत्तर भारत के पर्यटन, व्यापार और धार्मिक आवागमन के केंद्रीय बिंदु में बदलने की दिशा में बड़ा कदम है।

किन शहरों को कितना लाभ

देहरादून से अंबाला : सबसे बड़ा सीधा फायदा
अंबाला की दूरी देहरादून से लगभग 150 किमी है। वर्तमान में यह यात्रा सामान्य परिस्थितियों में तीन से साढ़े तीन घंटे लेती है, लेकिन ट्रैफिक बढ़ने पर समय चार से साढ़े चार घंटे तक पहुंच जाता है। एक्सप्रेसवे और बेहतर लिंक रोड से यह सफर अधिक स्थिर मय में पूरा होगा।

चंडीगढ़ तक तेज होगी पहुंच
दून से चंड़ीगढ़ की दूरी वाया पांवटा साहिब करीब 170-175 किमी है, जबकि वाया सहारनपुर बाईपास यह दूरी करीब 210 किमी है। अभी यात्रियों को दोनों ओर से यात्रा में चार से पांच घंटे लगते हैं। एक्सप्रेसवे से प्रारंभिक जाम मुक्त खंड मिलने के कारण वाया सहारनपुर यात्रा में लगभग 45 मिनट तक की राहत संभव है।

लुधियाना के लिए व्यापारिक लाभ
लुधियााना लगभग 260 किमी दूर है। अभी यह यात्रा पांच से छह घंटे लेती है। भारी वाहनों और व्यापारिक यातायात के लिए समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

अमृतसर और सीमा क्षेत्र तक बेहतर संपर्क
अमृतसर जाने वाले यात्रियों को अंबाला-लुधियाना कॉर‍िडोर का सीधा लाभ मिलेगा। लंबी दूरी की यात्रा में शुरुआती हाई-स्पीड कॉर‍िडोर कुल समय में एक से डेढ़ घंटे तक राहत दे सकता है। इसी तरह जम्मू व कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए दून से निकलने वाला तेज मार्ग शुरुआती सफर को आसान करेगा। विशेष रूप से उत्तराखंड से वैष्णो देवी मंदिर जाने वालों को इसका लाभ मिलेगा।

पुराने और नए मार्ग में यह बदलेगा
पहले सहारनपुर, छुटमलपुर, यमुनानगर और बीच के कस्बों में जाम आम समस्या थी। कई बार 30 मिनट से डेढ़ घंटे तक अतिरिक्त समय लग जाता था। एक्सप्रेसवे के बाद लंबा हिस्सा नियंत्रित ट्रैफिक वाले हाई-स्पीड मार्ग पर तय होगा, जिससे समय का अनुमान भरोसेमंद रहेगा।

दिल्ली ही नहीं, पूरा उत्तर भारत होगा लाभान्वित
दिल्ली-एनसीआर से देहरादून यात्रा जहां लगभग 2.5 घंटे तक सीमित होने की उम्मीद है, वहीं उत्तर भारत के अन्य शहरों से आने वाले यात्रियों को भी शुरुआती हाईवे जाम से राहत मिलेगी। इससे सप्ताहांत पर्यटन में वृद्धि संभावित है।

पर्यटन पर पांच बड़े असर

  • मसूरी तक पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • ऋषिकेश और हरिद्वार मार्ग पर यातायात दबाव पुनर्संतुलित होगा।
  • चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में निजी वाहनों की संख्या बढ़ सकती है।
  • सप्ताहांत पर्यटन में पंजाब और हरियाणा से अधिक वाहन आएंगे।
  • धार्मिक पर्यटन स्थलों को नया प्रवाह मिलेगा।

देहरादून की आर्थिकी पर पांच बड़े प्रभाव

  • होटल, रेस्टोरेंट और ट्रैवल सेक्टर को सीधा लाभ
  • औद्योगिक उत्पादों की तेज ढुलाई
  • लाजिस्टिक लागत में कमी
  • छोटे व्यापारिक केंद्रों में ग्राहक संख्या बढ़ना
  • भूमि और निवेश गतिविधियों में तेजी

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