विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक्सप्रेसवे पर फर्राटा: देहरादून में घुसते ही जाम, 13 किमी पार करने में लग रहा डेढ़ घंटा

Published: Mon, 20 Apr 2026 05:06 PM (IST)

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से 213 किमी का सफर अब ढाई घंटे में तय हो रहा है। हालांकि, आशारोड़ी से जोगीवाला तक ...और पढ़ें

दोपहर के समय रिस्पना पुल से हरिद्वार रोड जाने वाले मार्ग पर लगा जाम। जागरण

दोपहर के समय रिस्पना पुल से हरिद्वार रोड जाने वाले मार्ग पर लगा जाम। जागरण

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। देश की राजधानी दिल्ली से देहरादून तक का 213 किलोमीटर का सफर अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।

बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी और एक्सप्रेसवे के कारण यह दूरी महज ढाई घंटे में तय हो जा रही है, लेकिन जैसे ही वाहन देहरादून शहर की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं तो तस्वीर पूरी तरह से बदल जाती है।

आशारोड़ी से जोगीवाला तक महज 13 किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे तक समय लग रहा है। इन 13 किलोमीटर के बीच नौ बाटलनेक हैं, जहां पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।

Doon Traffic

यह समस्या न केवल आम यात्रियों, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। वाहन चालक जहां एक ओर एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे हैं, वहीं शहर के अंदर प्रवेश करते ही जाम की लंबी कतारें रफ्तार थाम देती हैं।

19 अप्रैल से चारधाम यात्रा के साथ ही पर्यटन सीजन शुरू हो गई है। इससे परेशानियां और बढ़ेगी। आमजन को इस परेशानी से बाहर निकालने के लिए फिलहाल कोई प्लान भी नहीं बन पाया है।

Dehradun Expressway

हरिद्वार व ऋषिकेश आने वाले पर्यटक भी एक्सप्रेसवे को चुनेंगे

चारधाम यात्रा व पर्यटन सीजन में भारी संख्या में पर्यटक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व पंजाब से उत्तराखंड आते हैं।

एक्सप्रेस वे बनने के बाद जो पर्यटक ऋषिकेश व हरिद्वार घूमने के लिए आएंगे, वह भी एक्सप्रेस वे को ही चुनेंगे। हरिद्वार व ऋषिकेश आने वाले पयर्टक एक्सप्रेसवे से आने के चलते जाम की समस्या और भी बढ़ जाएगी।

आशारोड़ी से जोगीवाला तक नौ बाटलनेक

आशारोड़ी से जोगीवाला तक नौ बाटलनेक हैं, जहां पर हर समय जाम की स्थिति रहती है। एक्सप्रेसवे समाप्त होते ही सबसे पहले आशारोड़ी पर जाम लगता है।

इसके बाद चंद्रबनी चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, आइएसबीटी, मुस्कान चौक, कारगी चौक, पुरानी बाईपास चौक, रिस्पना पुल व जोगीवाला चौक पर जाम का सामना करना पड़ता है। इस 13 किलोमीटर के पेंच को पार करने में वाहन चालक को डेढ़ घंटा लग जाता है।

सीमित क्षमता, लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या

ट्रैफिक जाम के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण शहर की सड़कें सीमित क्षमता और लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या है।

इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग, ट्रैफिक सिग्नलों का सही तरीके से संचालन न होना और ट्रैफिक पुलिस की सीमित तैनाती है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि ईंधन की खपत भी बढ़ती है और प्रदूषण में इजाफा होता है।

हरिद्वार व ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के एक्सप्रेसवे से आने की संभावना को देखते हुए एक टीम गठित की गई है, जोकि डाटा कलेक्ट करेगी। एएनपीआर कैमरों से वाहनों की निगरानी की जाएगी कि कितने-कितने वाहन हरिद्वार व ऋषिकेश गए हैं।
- लोकजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, यातायात

यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर खुलने से रुड़की रूट पर लग्जरी बसों की कमी, यात्री परेशान

यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: रोडवेज बसों में 30 प्रतिशत यात्रियों की हुई बढ़ोतरी