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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dehradun : जबरन सामूहिक मतांतरण करवाने पर जमकर हंगामा, निश्शुल्क पढ़ाई और पैसे का दिया जा रहा था लालच, मुकदमा

By Jagran NewsEdited By: Sunil Negi
Published: Sun, 20 Nov 2022 02:37 PM (IST)Updated: Sun, 20 Nov 2022 10:45 PM (IST)

पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल के अनुसार घर में करीब 50 से 60 हिंदुओं का मतांतरण कराया जा रहा था। फिलहाल ...और पढ़ें

हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद पादरी को हिरासत में ले लिया।
हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद पादरी को हिरासत में ले लिया।

जागरण संवाददाता, देहरादून: देहरादून के ईसी रोड स्थित एक मकान में जबरन मतांतरण कराए जाने का मामला सामने आया है। इसकी सूचना जब हिंदू संगठनों को मिली तो उन्होंने वहां पहुंचकर जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां मौजूद पादरी को हिरासत में ले लिया। पादरी से आराघर पुलिस चौकी में करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई।

घर में करीब 50 से 60 हिंदुओं का कराया जा रहा था मतांतरण

पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल के अनुसार, घर में करीब 50 से 60 हिंदुओं का मतांतरण कराया जा रहा था। फिलहाल अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इस बीच जिसका नाम भी मतांतरण करवाने में सामने आएगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को दी तहरीर में शिवाजी एन्क्लेव, वाणी विहार निवासी छत्रपाल सिंह ने बताया कि ईसी रोड स्थित रवि फ्रांसिस के घर में अक्सर ईसाइयों का धार्मिक कार्यक्रम चलता है।

इलाज के नाम पर कराई जा रही थी प्रार्थना

रविवार को रायपुर, ईसी रोड, पौड़ी गढ़वाल व अन्य जगहों से महिलाओं व पुरुषों को कार्यक्रम में बुलाया गया था। वह भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देखा कि वहां हिंदुओं को भ्रमित किया जा रहा था। वहां इलाज के नाम पर प्रार्थना कराई जा रही थी। हिंदू धर्म को लेकर गलत शब्दों का प्रयोग किया जा रहा था।

कहा- घरों में रखी देवी-देवताओं की फोटो बाहर रखो

वहां मौजूद नागरिकों के सिर के ऊपर पानी भरा लोटा घुमाया जा रहा था और उसका पानी सभी पर छिड़का जा रहा था। तहरीर में उन्होंने बताया कि हिंदुओं से कहा जा रहा था कि अपने घरों में रखी देवी-देवताओं की फोटो बाहर कर दो। इससे उनकी भावनाएं आहत हुईं। साथ ही कहा जा रहा था कि अगर तुम ईसाई बन जाओगे तो तुम्हारे बच्चों को निश्शुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें पीटा गया।

पूछताछ के बाद पादरी को छोड़ा

मामले की संवेदनलशीलता को देखते हुए पुलिस वहां पर तंत्रमंत्र कर रहे पादरी अमित फ्रांसिस को अपने साथ ले गई। पुलिस ने उससे करीब एक घंटे तक पूछताछ की। डालनवाला कोतवाली पुलिस पहले मामले को हल्के में ले रही थी, लेकिन उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद आरोपितों को नामजद किया जाएगा।

परेशानी दूर करने का देते हैं लालच

शिकायतकर्ता ने बताया कि भोले-भाले व गरीबों को परेशानी दूर करने का लालच दिया जाता है। उन्हें एक व्यक्ति ने बताया कि यदि घर की कोई समस्या हो तो ईसी रोड घर पर होने वाले ईसाइयों के धार्मिक सत्संग में जाकर दूर करा सकते हैं। इसलिए वह भी कार्यक्रम में पहुंच गए। उन्हें नहीं पता था कि वहां पर मतांतरण कराया जा रहा है।

10 साल तक की हो सकती है सजा

हालिया कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड में जबरन सामूहिक मतांतरण पर तीन से लेकर 10 वर्ष तक कारावास का प्रविधान किया गया है। जुर्माने की राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है। इसके अंतर्गत अब इस तरह के सभी अपराध संज्ञेय और गैर जमानती हैं। बीते 16 नवंबर को पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल ने यह अहम निर्णय लेते हुए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक के मसौदे को स्वीकृति दी है।

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