देहरादून। Sanskaarshala: इन दिनों काफी तेजी से सोशल नेटवर्किंग साइट जैसे, फेसबुक ट्विटर, इंस्टाग्राम के यूजर्स बढ़ रहे हैं। उसी अनुरूप इन्फ्लुएंसर की संख्या में भी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। किसके लिए कौन व्यक्ति प्रभावशाली हो सकता है, अथवा नहीं, यह आप पर निर्भर करता है।

विश्वसनीयता के आधार पर हो चयन

इंटरनेट मीडिया दैनिक जीवन का एक अनिवार्य अंग बन चुका है। इसलिए लोगों को यह सीखना अति महत्वपूर्ण है कि भविष्य में वास्तविक सामाजिक प्रभावों को उनकी उपलब्धियों एवं विश्वसनीयता के आधार पर चयन हो।

इन्फ्लुएंसर बनते अवसाद का कारण भी

इन्फ्लुएंसर का चुनाव यदि सही न किया जाए तो यही सोशल इन्फ्लुएंसर अवसाद का कारण भी बनते हैं। एक अध्ययन के अनुसार इंटरनेट मीडिया से सुसाइड रेट भी बढ़े हैं। फियर आफ मिसिंग आउट को लेकर भी चिंताए बढ़ गई हैं।

जो परोसा जा रहा है, उस पर रिसर्च जरूरी

इंटरनेट मीडिया हमारे मानसिक स्वास्थ्य और भलाई के लिए हो तो इन्फ्लुएंसर का चुनाव हमें सोच समझकर करना चाहिए। जांच लेना चाहिए, जिससे हम प्रभावित हो रहे हैं। क्या वह अपनी विश्वसनीयता की कसौटी पर खरा उतर रहा है? जो परोसा जा रहा है, उस पर पूरी रिसर्च होनी चाहिए।

बिना विश्वसनीयता जांचे बना लेते आदर्श

इंटरनेट मीडिया के इन्फ्लुएंसर आखिर कौन हैं? उदाहरण के तौर पर जनमानस को एक विशेष कारण के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकता है, जिसमें वे रुचि रखते हैं। जहां वे इसे देखना चाहते हैं। जैसे दर्शक अपने मनपसंद खिलाड़ी, अभिनेता, नेता, गायक, पत्रकार, धार्मिक गुरु आदि को बिना विश्वसनीयता जांचे अपना आदर्श बना लेते हैं।

इंटरनेट मीडिया जनसंचार का अच्छा माध्यम

अधिकांशत: इनमें से सही मार्गदर्शक होते हैं, पर कहीं कहीं पर यही इन्फ्लुएंसर देश और जनता को भ्रमित कर पतन के मार्ग की ओर भी धकेल देते हैं। इंटरनेट मीडिया जनसंचार का एक बहुत अच्छा माध्यम है। दूत गति से सूचनाओं का आदान-प्रदान हर क्षेत्र की खबरों को अपने में समाहित किए हुए हैं।

Sanskaarshala: इंटरनेट मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की परख है जरूरी, कुछ दिखाते अपनी नकली लाइफ स्टाइल

इंटरनेट मीडिया सबसे ज्यादा भटकाव

किसी व्यक्ति के बारे में संस्था समूह देश की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और अन्य कई रूपों में हम सभी से जुड़ा हुआ है। बच्चे, युवा, वृद्ध यदि इन्फ्लुएंसर (प्रभावक) का सही चुनाव नहीं कर पाते हैं तो यहीं पर इंटरनेट मीडिया सबसे ज्यादा भटकाता है और रुकावटें उत्पन्न करता है।

-प्रतिभा अत्री, प्रधानाचार्य, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, रेसकोर्स

Sanskaarshala: डा. रितु पाठक बोली- हमें इंटरनेट मीडिया को लेकर तय करनी होगी जवाबदेही

Edited By: Sunil Negi

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