जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Dengue Update कोरोना वायरस संक्रमण से भले ही राहत मिल रही हो, लेकिन इस बीच डेंगू ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में डेंगू के मरीजों की संख्या अब तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को दस साल के बच्चे समेत जिले में डेंगू के छह नए मरीज मिले हैं।

जिले में अब तक डेंगू के 82 मामले आए हैं। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी ने बताया कि जिन छह मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें विजय पार्क एक्सटेंशन निवासी 52 वर्षीय महिला मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा दस वर्षीय बच्चे, 24 वर्षीय युवक, 43 साल के एक व्यक्ति और 80 वर्षीय बुजुर्ग की भी एलाइजा जांच रिपोर्ट पाजिटिव है। ये मरीज हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट व श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती हैं।

चिकित्सकों के अनुसार इनकी स्थिति सामान्य है। वहीं 30 वर्षीय एक मरीज घर पर है। जोशी ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और अन्य विभागों की ओर से डेंगू प्रभावित व संवेदनशील क्षेत्रों में सघन लार्वा सर्वे, लार्वा को नष्ट करने के लिए छिड़काव व फागिंग की गई है।

अगले 15 दिन संवेदनशील

सुभाष जोशी ने बताया कि अगले 15 दिन डेंगू के लिहाज से संवेदनशील हैं। उन्होंने जन सामान्य से बचाव के लिए एहतियाती उपाय करने को कहा। बताया कि जैसे-जैसे तापमान घटेगा, वैसे ही डेंगू का प्रकोप कम हो जाएगा। फिलहाल सतर्कता बरतने की जरूरत है।

औषधि से लेकर खाने वाले तक मशरूम उपलब्ध

मशरूम की फेहरिस्त काफी लंबी है। औषधीय महत्व से लेकर खाने वाले तक मशरूम उपलब्ध है। बस उनकी पहचान और प्रोसेसिंग का तरीका मालूम होना चाहिए। यह बात भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आइसीएफआरई) के महानिदेशक एएस रावत ने मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही। शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) की ओर से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए मशरूम प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

एफआरआइ की वन रोग शाखा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को विभिन्न प्रकार के मशरूम, उनकी पहचान, खेती व प्रोसेसिंग के तरीके बताए गए। यह भी बताया कि किस तरह कम समय में मशरूम को उगाया जा सकता है। इसके लिए संस्थान की ओर से विकसित की गई तकनीक पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उत्तरांचल विश्वविद्यालय, अल्पाइन इंस्टीट्यूट, डाल्फिन पीजी जैव चिकित्सा और प्राकृतिक विज्ञान संस्थान, दून पीजी कालेज, एफआरआइ डीम्ड यूनिवर्सिटी आदि के 100 से अधिक छात्रों व फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया।

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Edited By: Raksha Panthri