जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Crime News बैंक में बंधक जमीन का सौदा कर दंपती समेत तीन व्यक्तियों ने मर्चेंट नेवी कर्मचारी से 22 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर कैंट कोतवाली में तीनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता संदीप निवासी कृष्णनगर कई साल से मर्चेंट नेवी में काम कर रहे हैं। संदीप ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्हें देहरादून में प्लाट की जरूरत थी। एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात राजीव श्रीवास्तव और उसके भाई आशु से हुई। दोनों ने संदीप को कौलागढ़ रोड पर एक प्लाट दिखाया और खुद को प्लाट का मालिक बताया। राजीव की पत्नी नीतू श्रीवास्तव को प्लाट का सह स्वामी बताया गया।

दोनों पक्षों के बीच प्लाट का सौदा एक करोड़ पांच लाख रुपये में तय हुआ। इसके बाद संदीप ने आरोपितों को 19 से 26 दिसंबर 2019 के बीच 22 लाख रुपये दे दिए। शेष धनराशि 31 अगस्त 2020 को देने पर सहमति बनी। इसी बीच तीन अप्रैल 2020 को संदीप की पत्नी को पता चला कि इंडियन बैंक ने एक समाचार पत्र में उक्त प्लाट को ऋण अदायगी न किए जाने के कारण नीलाम किए जाने की सूचना निकाली है।

संदीप ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि प्लाट बैंक के पास बंधक है। आरोपितों पर बैंक की एक करोड़ रुपये की देनदारी है। इसके अलावा वह पहले भी प्लाट को कई व्यक्तियों को बेच चुके हैं। इसके बाद संदीप ने आरोपितों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही आरोपितों पर कोई कार्रवाई की।

यह भी पढ़ें- Dehradun Crime News: दिल्ली से देहरादून में डकैती डालने आए दो बदमाशों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

ऐसे में उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए बीते दिनों पुलिस को आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया था। इंस्पेक्टर कैंट कोतवाली ऐश्वर्य पाल ने बताया कि राजीव, आशु और नीतू के खिलाफ सोमवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

यह भी पढ़ें- ऋषिकेश में चारों ने मिठाई की दुकान में लगाई सेंध, सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हुई सारी हरकत

Edited By: Raksha Panthri