यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dehradun Accident: 11 साल से अनफिट कंनेटर से टकराने से गई थी छह जान, अब औद्योगिक क्षेत्रों में कंटेनरों की होगी जांच
Dehradun Accident देहरादून में एक भयानक दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई जब एक 11 साल से अनफिट ...और पढ़ें

HighLights
- ओएनजीसी चौक दुर्घटना के बाद आरटीओ प्रशासन ने दिया आदेश
- कंटेनरों की फिटनेस जांच और दस्तावेजों की पड़ताल करने का आदेश
जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Accident: बिना फिटनेस 11 वर्ष से सड़कों पर दौड़ रहे कंटेनर के कार से टकराने के बाद सोमवार रात ओएनजीसी चौक पर छह युवाओं की मौत के बाद परिवहन विभाग हरकत में आ गया है। आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्री व कंपनियों में आने वाले कंटेनरों की फिटनेस जांच और दस्तावेजों की पड़ताल करने का आदेश दिया है।
आरटीओ ने कहा कि बड़ी संख्या में रोजाना बाहरी राज्यों के कंटेनर यहां माल की आपूर्ति लेकर या यहां से माल लेकर जाते हैं, अब इन सभी की कंपनियों में जाकर पड़ताल की जाएगी। बता दें कि, दैनिक जागरण ने गुरुवार के अंक में कंटेनर से संबंधित समाचार प्रकाशित किया था।
बाहरी राज्यों से कंटेनरों में आता है कच्चा माल
देहरादून में मोहब्बेवाला, कुआंवाला, लालतप्पड़ और सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी एक हजार से अधिक फैक्ट्री व कंपनियां संचालित होती हैं। इनमें बाहरी राज्यों से कंटेनरों में कच्चा माल आता है और यहां से माल तैयार होकर दूसरे राज्यों में जाता है।
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मोहब्बेवाला और सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र के कंटेनर तो शहर के बीच से होकर गुजरते हैं। इसके अतिरिक्त शहर में चल रहे भूमिगत गैस पाइप-लाइन या सीवरेज लाइन आदि की ड्रिलिंग मशीन के परिवहन के लिए भी कंटेनर उपयोग में लिए जाते हैं। जिस कंटेनर से सोमवार देर रात ओएनजीसी चौक पर दुर्घटना हुई, वह भी ड्रिलिंग मशीन लेकर जा रहा था।
कंटेनर की फिटनेस वर्ष-2013 में खत्म
हालांकि, पुलिस की जांच में पता चला कि कंटेनर गुरुग्राम हरियाणा में बीआरसी लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत है व वर्ष-2009 माडल का है। कंटेनर की फिटनेस वर्ष-2013 जबकि उसका बीमा व टैक्स वर्ष-2015 में समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वह सड़क पर दौड़ रहा था।
इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद गुरुवार सुबह आरटीओ (प्रशासन) सुनील शर्मा ने कार्यालय में प्रवर्तन अधिकारियों की बैठक ली और दून में आने वाले सभी कंटेनरों की फिटनेस व दस्तावेजों की पड़ताल के आदेश दिए।
आरटीओ ने कहा कि प्रयास किया जाए कि यह कार्य चेकपोस्ट पर ही कर लिया जाए, अगर ऐसा नहीं होता तो कंपनियों में जाकर कंटेनरों की पड़ताल की जाए। रोजाना दून में 300 से अधिक कंटेनरों का आवागमन होता है।
