देहरादून में छह दिन में तीन हत्याएं, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
देहरादून में छह दिनों के भीतर तीन हत्याओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकासनगर में ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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सोबन सिंह गुसांई, जागरण देहरादून। जनपद में महज छह दिन के अंदर ही हत्या की तीन घटनाओं ने एक बार फिर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही वारदात से आमजन में दहशत है।
वहीं, भाजपा की नेता व प्रदेश मंत्री नेहा जोशी व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भी घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने की बात कही है।
28 जनवरी को विकासनगर के ढालीपुर में एक युवती की दरांती व पत्थर से वार कर हत्या कर दी गई। 12वीं की छात्रा इस युवती का चचेरा भाई बुधवार शाम उसे दवा दिलाने के लिए साथ ले गया था।
वापस न लौटने पर जब स्वजन ने तलाश की तो शक्तिनहर के किनारे झाड़ियों में उसका शव बरामद हुआ, जबकि चचेरा भाई फरार है। मृतका के पिता ने उसके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। युवती के सिर पर काफी चोटें थीं, मुंह पत्थर से कुचला गया था और हाथ की अंगुलियां भी कटी हुई थीं। मौके से बाइक, घटना में प्रयुक्त दरांती व पत्थर बरामद हुए।
31 जनवरी की रात को ऋषिकेश में एक व्यक्ति ने महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतका यमकेश्वर की रहने वाली तलाकशुदा थी। घटना के बाद हत्यारोपित मौके से फरार हो गया। शिवाजी नगर में किराये के घर में रहने वाली 35 वर्षीय प्रीति एम्स ऋषिकेश में अटेंडेंट थी।
शनिवार रात करीब 10 बजे वह घर में थी। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां पहुंचा। उसने प्रीति के कमरे का दरवाजा खटखटाया। प्रीति ने जैसे ही दरवाजा खोला, आरोपित ने गोली चला दी। गोली प्रीति के सीने में लगी।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। तब तक गोली चलाने वाला वहां से फरार हो चुका था। पुलिस ने खून से लथपथ प्रीति को एम्स पहुंचाया, जहां जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि सोमवार को आरोपित को पकड़ लिया गया।
इसके बाद सोमवार सुबह देहरादून के मच्छी बाजार स्थित दूल्हा बाजार में सरफिरे ने सरेआम 22 वर्षीय गुंजन के गले पर चापड़ से वार किया। युवती ने आरोपित के विरुद्ध खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत भी दी थी कि आकाश कुमार उसे धमकी दे रहा है और वह किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। पुलिस आरोपित का पता नहीं लगा पाई, इसी बीच उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
जिन पुलिसकर्मियों ने गुंजन की शिकायत को अनदेखा किया, उन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ पुलिसकर्मियों की संवेदनाहीनता के कारण ही लड़कियां पुलिस तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाती हैं और जो साहस दिखाकर शिकायत करती हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। ऐसे पुलिसकर्मियों के कारण प्रदेश में आपराधिक प्रवृति वाले व्यक्तियों का साहस बढ़ता है। इस प्रकार के कर्मी न केवल संवेदनहीन हैं, बल्कि इस अपराध में भागीदार भी हैं।
- नेहा जोशी, प्रदेश मंत्री भारतीय जनता पार्टीयुवती ने पूर्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपित उस पर हमला कर सकता है। यदि पुलिस समय रहते युवती की शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करती तो आज एक मासूम युवती की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आरोपित के हौंसले बढ़ गए और उसने इस तरह दिल दहलाने वाली घटना को अंजाम दिया। इस ढिलाई और संवेदनहीनता पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को तलब किया जाएगा।
- कुसुम कंडवाल, अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग
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