हरिद्वार, अनूप कुमार। आमजन को मोक्षदायिनी गंगा को साफ-सुथरा और प्रदूषणमुक्त करने की मुहिम में जोड़ने के लिए 'दैनिक जागरण' ने निर्मल गंगा अभियान के तहत वर्ष 2014 में देवप्रयाग से गंगा सागर तक 'गंगा जागरण यात्रा' निकाली थी। यात्रा का समापन हो गया, लेकिन सामाजिक सरोकारों से जुड़ा 'दैनिक जागरण' का समाचारीय अभियान जारी है। समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। 

'दैनिक जागरण' की गंगा जनजागरण यात्रा जिन भी शहरों से गुजरी, वहां उसे समाज के तमाम वर्गों का व्यापक समर्थन मिला। अपनी इस मुहिम के जरिये स्थानीय नागरिकों को गंगा का महत्व, उसके प्रति उनका दायित्व और गंगा की मौजूदा हालात बताते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया। गंगा में प्रवाह किए जा रहे गंदे पानी, सीवर प्रवाह पर रोक लगाकर गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आम से लेकर खास तक से संकल्प पत्र भरवाए गए। 

यहीं नहीं, नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत कराए जा रहे कार्यों में सिस्टम की सुस्ती को तोडऩे की कोशिश दैनिक जागरण ने की थी। निर्मल गंगा अभियान के तहत हमने प्रोजेक्ट के मानकों के उल्लंघन और अन्य गड़बड़ि‍यों को सामने लाकर जिम्मेदारों को नींद से जगाया। गंगा में सीधे गिर रहे सीवर नालों को टेप करने की सरकारी पर्देदारी के कुत्सित कोशिशों को भी जागरण अपनी इस मुहिम के माध्यम से सामने लाया। इसके बाद ही नमामि गंगे से जुड़े अधिकारी हरकत में आए। 

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में नमामि गंगे अभियान की देशव्यापी शुरुआत की थी। इसके तहत उत्तराखंड में 46 प्रोजेक्टों के जरिये गंगा की स्वच्छता की दिशा में कदम बढ़ाया गया। इनके लिए करीब साढ़े बारह सौ करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस धनराशि में से 1000 करोड़ रुपये से सीवर ट्रीटमेंट (एसटीपी) के साथ ही हरिद्वार में नमामि गंगे घाट, सीवर पाइप लाइन विस्तार, ड्रैनेज सिस्टम का उच्चीकरण, पंपिंग स्टेशनों का विस्तार कराया जा रहा है।  

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