सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। प्रिकाशन डोज लगवाने के लिए अगर आपके पास फोन या मैसेज आ रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। ऐसा न हो कि साइबर ठग प्रिकाशन डोज रजिस्ट्रेशन के नाम पर आपके खाते को ही खाली कर दें। पुलिस कंट्रोल रूम में इस तरह से ठगी की कोशिश के तीन मामले आए हैं। जिसमें दो देहरादून और एक हल्द्वानी से है। हालांकि, तीनों व्यक्ति अपनी समझदारी के कारण साइबर ठगों के चंगुल में फंसने से बच गए। अब पुलिस की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आमजन को साइबर ठगी से बचाने को एडवाइजरी जारी की गई है।

दरअसल, कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी से फैल रहा है। लोग इससे डरे हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग प्रिकाशन डोज लगवाना चाहते हैं। साइबर अपराधी इसी मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वह लोगों को फोन कर खुद को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताकर दोनों वैक्सीन लगने के संबंध में बात करते हैं और जो लोग दोनों डोज लगवा चुके हैं उन्हें प्रिकाशन डोज लगवाने को कहते हैं। इसके लिए फोन पर ही रजिस्ट्रेशन की बात कही जाती है और फिर ओटीपी जनरेट कर भेज देते हैं। ओटीपी बताते ही संबंधित व्यक्ति के खाते से रकम उड़ा दी जाती है। प्रिकाशन डोज के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ने से आशंकित पुलिस ने भी इंटरनेट मीडिया पर आमजन को जागरूक किया है।

इन लोग को ही लगाई जा रही प्रिकाशन डोज

वर्तमान में प्रिकाशन डोज केवल फ्रंट लाइन वर्कर, स्वास्थ्य कर्मचारी और 60 वर्ष की उम्र से अधिक के व्यक्तियों को ही लगाई जा रही है। यदि किसी को प्रिकाशन डोज संबंधी जानकारी हासिल करनी है तो वह कोविन पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें, वहां से मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। जिसे दर्ज करने के बाद पता चल जाएगा कि प्रिकाशन डोज कब लगनी है।

अनजान लिंक पर न करें क्लिक

साइबर थाना के सीओ अंकुश मिश्रा का कहना है कि कोविड वैक्सीनेशन व प्रिकाशन डोज लगवाने के लिए फोन करने जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। अगर कोई व्यक्ति फोन करके या मैसेज भेजकर लिंक क्लिक करने को कहे तो सचेत हो जाएं। किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी आदि की जानकारी न दें।

साइबर सेल के सीओ आपरेशन नीरज सेमवाल ने बताया कि प्रिकाशन डोज के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर ओटीपी की जानकारी लेकर खाते से रकम उड़ाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में हर किसी को सतर्क रहने की जरूरत है। यदि किसी के पास प्रिकाशन डोज के लिए फोन आए तो कोई जानकारी न साझा करें। केवाइसी अपडेट करने से लेकर कोविड वैक्सीनेशन व प्रिकाशन डोज के लिए किसी को फोन नहीं किया जाता है। साइबर ठगी के शिकार हों तो तुरंत साइबर थाना के टोल फ्री नंबर 155260 व साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार का कहना है कि साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेने के लिए सभी जिला प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। इन दिनों प्रिकाशन डोज के नाम पर भी ठगी करने की शिकायतें मिल रही हैं, इसलिए सभी जिला प्रभारियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

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Edited By: Raksha Panthri