देहरादून में शातिर ठगी: फास्टैग रिचार्ज के बहाने डॉक्टर से 50 मिनट तक की बात, खाते से उड़ाए 3.72 लाख रुपये
देहरादून में एक चिकित्सक फास्टैग रिचार्ज के बहाने साइबर ठगी का शिकार हो गए, जिसमें ठगों ने 50 मिनट बात कर उनके खाते से 3.72 लाख रुपये निकाल लिए।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
फास्टैग रिचार्ज के बहाने चिकित्सक से साइबर ठगी
ठगों ने 50 मिनट में 3.72 लाख रुपये निकाले
शिकायत के बाद भी खाते से रकम निकलती रही
जागरण संवाददाता, देहरादून। साइबर ठगों ने सुभारती अस्पताल के चिकित्सक को 50 मिनट तक बातों में उलझाकर उनसे बैंक खाते और डिबिट कार्ड की जानकारी ले ली और खाते से 3.72 लाख रुपये निकाल लिए।
हैरानी की बात यह है कि 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उनके खाते से रकम निकाली जाती रही। इस मामले में प्रेमनगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी तहरीर में सुबोध भारद्वाज ने बताया कि वह सुभारती अस्पताल झाझरा में चिकित्सक हैं। 22 मई की शाम को वह आनलाइन फास्टैग रिचार्ज कर रहे थे, तभी उनके फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति का काल आया।
व्यक्ति ने अपना नाम श्रीकांत पाटिल और खुद को फास्टैग कंपनी का कर्मचारी बताया। इसके बाद व्यक्ति ने फोन पर उनसे 50 मिनट तक बात की और बातों ही बातों में उनका खाते और डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी हासिल कर ली।
शिकायतकर्ता ने बताया कि व्यक्ति ने उनसे वीडियो काल पर भी बात की और फास्टैग रिचार्ज के नाम पर उनके खाते से 70 हजार रुपये निकाल लिए।
पूछने पर बताया कि यह ट्रांजेक्शन गलती से हो गया है और रकम 24 घंटे में वापस खाते में आ जाएगी।
शक होने पर उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर घटना की शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद दो जून को उनके खाते से रकम निकाले जाने के मैसेज आए।
ठग ने उनके खाते से कुल 3.72 लाख रुपये निकाल लिए। प्रेमनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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