देहरादून, जेएनएन। कोरोना महामारी के कारण दुग्ध व्यवसाय भी संकट में आ गया है। खपत बेहद कम हो गई है और कंपनियां दाम घटा रही हैं। अब आंचल कंपनी ने भी दूध के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर कमी करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसान रेट कम करने का विरोध कर रहे हैं। जबकि, आंचल कंपनी का तर्क है कि सभी प्रमुख दुग्ध कंपनियों ने दूध के दाम कम कर दिए हैं। इसे देखते हुए उन्हें भी दाम कम करने पड़ रहे हैं ताकि वे बाजार में बने रहें। जबकि किसानों का कहना है कि दाम घटाने से उन्हें नुकसान है। मवेशियों का खर्च और रख-रखाव के साथ ही अन्य मदों में खर्च काफी अधिक है।

पीएम से की शिकायत

डेयरी संचालक रणदीप सिंह ग्रेवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से ट्विटर के माध्यम से अपनी समस्या साझा की है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि दाम घटाने से किसानों को खासा नुकसान होगा। गुरुवार को समिति ने बताया कि शुक्रवार से दूध का दाम तीन रुपये प्रति लीटर कम कर दिया जाएगा। समिति ने इसका कोई कारण भी नहीं बताया। रणदीप ने कहा कि लॉकडाउन के कारण भूसा, चोकर आदि महंगे मिल रहे हैं। ऐसे में दूध के दाम कम करना किसानों के साथ अन्याय है।

आंचल कंपनी के जीएम मान सिंह पाल का कहना है कि लॉकडाउन के चलते दूध की खपत कम हो गई है। इससे आंचल को काफी घाटा हो रहा है। अन्य कंपनियों ने दूध के दाम कम कर दिए हैं। ऐसे में हमें भी कम दाम पर ही दूध बेचना होगा। इसलिए आंचल ने तीन रुपये प्रति लीटर दूध कर दिए हैं।

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दुग्ध और सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना है कि  आंचल कंपनी खुद ही दूध के रेट तय करती है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। सरकार की ओर से किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए चार रुपये प्रति लीटर सब्सिडी भी दी जाती है। 

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Posted By: Raksha Panthari

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