जागरण संवाददाता, देहरादून। मांगों को लेकर कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं। शासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कार्मिक एकता मंच ने 11 जनवरी से भूख हड़ताल का एलान किया है। रविवार को कार्मिक एकता मंच की ऑनलाइन माध्यम से बैठक हुई, जिसमें मंच के अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे ने कहा कि कार्मिकों के पदोन्नति के मामलों के निस्तारण को समयबद्ध व्यवस्था होने के बावजूद अधिकारी ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं। जिस के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है। 
वहीं, कार्मिकों को कोर्ट जाने और हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी की ओर से बीते 15 अक्टूबर को वित्त और शिक्षा विभाग के सचिवों को एकता मंच के साथ बैठक कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आज तक बैठक आयोजित नहीं की गई। इस बैठक में ऑडिट विभाग के कार्मिकों के लंबित पदोन्नति और पदोन्नत-समायोजित शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान के मामलों का निस्तारण किया जाना था। ऐसे में लेखा परीक्षा सेवा संघ ने 11 से भूख हड़ताल का नोटिस दिया है। 
वहीं, संबंधित शिक्षकों ने भी 11 जनवरी से आंदोलन का एलान किया है। बैठक में गढ़वाल मंडल का मंडलीय अधिवेशन श्रीनगर में करने का निर्णय भी लिया गया। शासन की वादाखिलाफी के विरोध में लेखा परीक्षा सेवा संघ की प्रस्तावित भूख हड़ताल को निगम अधिकारी-कर्मचारी महासंघ, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन, मिनिस्टीरियल फेडरेशन, पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के ने भी समर्थन देने का निर्णय लिया है। एकता मंच के महासचिव दिगंबर फुलोरिया के संचालन में संपन्न बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र पाठक, सीताराम पोखरियाल, वीएस रावत, प्रदीप पपनै, जयदीप रावत, सौरभ नौटियाल, मनोज भंडारी, राकेश रावत आदि शामिल हुए।