देहरादून, राज्य ब्यूरो। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल न करने और थूकने वालों पर अब 100 रुपये अर्थदंड लगाने के साथ ही सामुदायिक सेवा भी कराई जा सकती है। इसके लिए जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मास्क का इस्तेमाल न करने और थूकने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाहर से आने वाले प्रवासियों की हर जिले में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था सुनिश्चत करने को भी कहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोरोना नियंत्रण के संबंध में अधिकारियों संग बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी आ रहे हैं। ये जिन जिलों में जा रहे हैं, वहां थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए, जिससे प्रदेश के सीमाओं पर स्क्रीनिंग का लोड कम हो सके। उन्होंने क्वारंटाइन किए जा रहे लोगों की नियमित मॉनीटरिंग के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों के जो श्रमिक अपने प्रदेशों में वापस जाना चाहते हैं तो उनके राज्यों से आने वाले वाहनों में उन्हें वापस भेजने की व्यवस्था की जाए। जो भी लोग बाहर से आ रहे हैं उनका पूरा डाटा रखा जाए। इसका मकसद यह है कि यदि कोई भी कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसके संपर्कों को जल्द तलाशा जा सके।

उन्होंने पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को अलर्ट करने के लिए मैसेज भेजने की व्यवस्था भी बनाने को कहा। उन्होंने कंट्रोल रूम और आइटी सेक्टर को और अधिक मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था पर संतोष जताया और ग्राम प्रधानों की सराहना भी की। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली और आइजी संजय गुंज्याल उपस्थित थे।

क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वालों की यहां दें सूचना

प्रवासियों की आमद के साथ कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने से प्रशासन के सामने चुनौती पहले ही बढ़ गई है। उस पर तमाम लोग होम क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन कर अधिकारियों की टेंशन को और बढ़ा रहे हैं। लिहाजा, जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम के दो नंबर जारी कर होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वालों की सूचना देने को कहा है।

कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटे खटीक मोहल्ला निवासी को आशारोड़ी पर सैंपल लेने के बाद होम क्वारंटाइन में रहने को कहा गया था। सैंपल की जांच में कोरोना पॉजिटिव होने पर जब टीम उसे अस्पताल में भर्ती कराने के लिए उसके घर पहुंची, तब आसपास के लोगों ने बताया कि यह व्यक्ति बाहर घूमता मिला। हालांकि, जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, मगर इसी तरह कई लोग 14 दिन तक होम क्वारंटाइन में रहने की जगह बाहर घूम रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि दूसरे राज्यों से वापस दून लौट रहे हैं, यदि वह नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों व लोगों से अपील की है कि वह बाहर से आने वाले लोगों पर सतर्कता से दृष्टि बनाए रखें।

इन नंबर दें सूचना

आपदा कंट्रोल रूम, 01352729250

पुलिस कंट्रोल रूम, 01352722142  

होम क्वारंटाइन का सख्ती से पालन कराए प्रशासन

बीते चार दिनों से मसूरी में काफी संख्या में प्रवासी लौटे हैं। बाहर से आए लोगों में कई अपार्टमेंट व फ्लैट ऑनर्स भी हैं, जो अपने परिवार के साथ मसूरी आए हैं। इनमें कुछ लोग होम क्वारंटाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। इस बाबत शहर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने एसडीएम वरुण चौधरी से मिलकर लोगों से होम क्वारंटाइन का सख्ती से पालन कराने का आग्रह किया है।

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गौरव अग्रवाल ने कहा कि जिन मोहल्लों में बाहर से आए लोगों के फ्लैट या अपार्टमेंट हैं, उन लोगों में भय का वातावरण न बनें। इसके लिए इन लोगों पर प्रशासन नजर बनाए रखकर सख्ती से क्वारंटाइन का पालन कराए। गौरव अग्रवाल ने कहा कि अगर शहर में संस्थागत क्वारंटाइन के लिए जगह नहीं मिल रही है तो मसूरी झील के समीप स्थित सरकारी यूथ हास्टल को भी प्रशासन अधिग्रहण कर सकता है। इसके अलावा स्कूल व होटल भी बंद पडे हैं, वहां भी संस्थागत क्वारंटाइन किया जा सकता है। 

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Posted By: Raksha Panthari

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