देहरादून, जेएनएन। प्रवासियों के दून लौटने का सिलसिला जारी है। अब तक करीब नौ हजार लोग दून पहुंच भी चुके हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों के लिए संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। दून में ऐसे अभी 20 सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनकी क्षमता 1709 बेड की है। हालांकि, वर्तमान में इनमें 62 ही लोग संस्थागत क्वारंटाइन किए गए हैं।

इन सेंटरों में अभी सिर्फ चार में ही लोगों को कोरोना संदिग्ध के तौर पर 14 दिन के लिए रखा गया है। शेष सेंटर फिलहाल खाली चल रहे हैं। जिले की भौगोलिक संरचना के हिसाब से शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में भी क्वारंटाइन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर निकटतम सेंटर में संदिग्ध लोगों को पहुंचाया गया सके। संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर की नोडल अधिकारी मीनाक्षी पटवाल का कहना है कि जमातियों में संक्रमण पाए जाने और उनके संपर्क में बड़ी संख्या में लोगों के आने के बाद भी यहां सबसे अधिक 349 लोगों को रखा गया था। 

सेंटर में रहने की व्यवस्था इस तरह की गई है कि सभी को अलग-अलग कमरों में अटैच्ड बाथरूम/टॉयलट उपलब्ध हो सके। क्वारंटाइन किए गए लोगों की सेहत पर निगरानी के लिए 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध हैं। अलग-अलग शिफ्ट में आयुष, होम्योपैथी और एलोपैथी के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। यहां रखे गए लोगों को तीन वक्त का संतुलित भोजन दिया जाता और पूरे परिसर और दिनभर में पांच वक्त सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

एक को छोड़कर सभी सेंटर नि:शुल्क

अगर किसी व्यक्ति को क्वारंटाइन सेंटर में अधिक सुविधाएं चाहिए तो उसके लिए होटल सॉलिटेयर में 28 बेड मुहैया कराए गए हैं। यहां कोई भी व्यक्ति अपने खर्च पर क्वारंटाइन सुविधा का उपयोग कर सकता है। इसके लिए प्रति दिन प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये की राशि तय की गई है। शेष सेंटर में सभी इंतजाम प्रशासन के खर्च पर हैं।

  

ग्राफिक एरा क्वारंटाइन सेंटर कड़ी निगरानी 

क्लेमेनटाउन स्थित ग्राफिक एरा विवि को भी बनाया गया है। सेंटर में शनिवार तक 10 कोरोना संदिग्धों को रखा गया है। जिसमें आठ लोगों को शुकवार को यहां लाया गया, जबकि दो संदिग्ध पांच व आठ दिनों से यहां रखे गए हैं।

क्वारंटाइन सेंटर में तीन चिकित्सकों की 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई हैं। तैनात चिकित्सकों में डॉ. चारू, डॉ. अंकिता और डॉ. पंकज शामिल हैं। इसके अलावा दो फार्मेसिस्ट धर्मेंद्र चौधरी व विजय प्रकाश सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा एक स्टाफ नर्स ममता दिन के समय ड्यूटी पर तैनात रहती हैं। एक आशा वर्कर भी मौजूद रहती हैं। दिन में चार से पांच बार क्लेमेनटाउन थाने से पुलिस गश्त करती है।

तीन टाइम मिलता है पर्याप्त भोजन

ग्राफिक एरा क्वारंटाइन सेंटर में रखे गए कोरोना संदिग्धों को सुबह आठ से साढ़े आठ के बीच नाश्ता, दोपहर को लंच व रात को डिनर दिया जाता है। सभी को भरपूर भोजन दिया जाता है। खाने में ब्रेड, दूध, अंडे, सभी प्रकाश की सब्जी, रोटी, दाल, चावल, सलाद दिया जाता है।

सेंटर की व्यवस्था उम्मीद से बेहतर

ग्राफिक एरा में संस्थागत क्वारंटाइन किए गए लोगों ने सेंटर की सभी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। रिस्पना पुल के समीप परमविहार निवासी 21 वर्षीय युवती ने कहा कि वह पुणे में पिछले एक साल से नौकरी करती है। लॉकडाउन के चलते वह अपने एक अन्य साथी के साथ पुणे से चली और नौ मई को देहरादून पहुंची। हल्के बुखार की शिकायत पर उसने परिवार के साथ रहने के बजाय खुद क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन रहना बेहतर समझा। उन्होंने बताया कि केंद्र में स्वास्थ्य जांच से लेकर रहने और भोजन की बहुत अच्छी व्यवस्था है।

सैनिटाइजर और मास्क की पर्याप्त व्यवस्था

राजपुर स्थित एक बस्ती निवासी 47 वर्षीय टैक्सी चालक आठ मई से ग्राफिक एरा में क्वारंटाइन हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर पर स्वास्थ्य जांच से लेकर खाने पीने की बेहतर सुविधा हैं। अकेले कमरे में अटैच लेट बाथरूम हैं। हर कमरों में सैनिटाइजर और मास्क की पर्याप्त व्यवस्था है।

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ग्राफिक एरा क्वारंटाइन सेंटर की नोडल अधिकरी डॉ. हिमानी ने बताया कि ग्राफिक एरा क्वारंटाइन सेंटर में चिकित्सा से लेकर सुरक्षा और खाने-पीने की पर्याप्त सुविधाएं हैं। विवि द्वारा उपलब्ध कराए गए कमरे सुविधाएं से लैस हैं। शनिवार तक सेंटर में 10 लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन किया गया है।

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Posted By: Raksha Panthari

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