देहरादून, जेएनएन। लॉकडाउन के बीच उत्तराखंड में कोरोना का सातवां मामला सामने आया है। देहरादून में यह छठा मामला है। राजस्थान निवासी एक सूबेदार में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। वह दस मार्च को छुट्टी के बाद अपनी बटालियन में लौटे थे। 

प्रदेश में अब तक सात मामलों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जिनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के दो प्रशिक्षु आइएफएस ठीक भी हो गए हैं। जबकि एक प्रशिक्षु आइएफएस, एक अमरीकी नागरिक और दुबई से लौटे सेलाकुई निवासी एक युवक का दून अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, स्पेन से लौटे दुगड्डा निवासी एक युवक में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। रविवार को देहरादून के सैन्य अस्पताल में भर्ती 47 वर्षीय एक सूबेदार में कोरोना की पुष्टि हुई। बताया गया कि वह चकराता में टू टू बटालियन में तैनात हैं। 

दस मार्च को वह छुट्टी पूरी कर राजस्थान से लौटे थे। इस बीच उनमें किसी भी तरह के लक्षण नहीं थे। जानकारी के अनुसार 24 मार्च को उनकी तबीयत खराब हुई। जिसके बाद उन्हें दून स्थित सैन्य अस्पताल में रेफर कर दिया गया। 26 मार्च को वह अस्पताल में भर्ती हुए और 27 मार्च को उनका सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज स्थित लैब में भेजा गया। रविवार को प्राप्त रिपोर्ट में उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज की विदेश की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। वह संभवत: राजस्थान में किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए। यहां पहुंचने में उनमें किसी तरह के लक्षण नहीं थे। काफी वक्त बाद लक्षण दिखाई दिए।  

पॉजिटिव मरीजों के संपर्कों पर नजर 

कोरोना संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पॉजिटिव पाए गए सभी व्यक्तियों के संपर्कों को चिहिन्त करने का काम तेज कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि चिन्हित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग कर उन्हें होम या फैसिलिटी क्वारंटाइन में रखा जा रहा है। इस बीच विदेश यात्रा से आए 1730 लोगों को निगरानी में रखा गया है। जिनमें 31 व्यक्ति अस्पतालों में आइसोलेशन में रखे गए हैं। डॉ. उप्रेती के अनुसार कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए 1479 चिकित्सक, 952 स्टाफ नर्स, 170 लैब टेक्नीशियन और 1751 फार्मासिस्ट को प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस, एसडीआरएफ, पीआरडी, होमगार्ड, गढ़वाल मंडल विकास निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम और सैनिटेशन कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।

पूरी बटालियन होगी क्वारंटाइन 

चकराता स्थित सेना की टूटू बटालियन मुख्यालय में तैनात एक सूबेदार में कोरोना की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया है। उत्तराखंड में किसी सैनिक के कोरोना संक्रमित होने का यह पहला मामला है, जिससे स्वास्थ्य महकमे की चिंता भी बढ़ गई है। वह इसलिए कि सैन्य अस्पताल में भर्ती होने से पहले वह करीब 15 दिन तक अपनी बटालियन में रहा।

लिहाजा इस उसके संपर्क में आए बटालियन के अन्य अधिकारियों और जवानों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में पूरी बटालियन को क्वारंटाइन किया जा सकता है। कोरोना के जिला नोडल अधिकारी डॉ दिनेश चौहान ने बताया कि इस बाबत संबंधित यूनिट के उच्चाधिकारियों से बात हो गई है। उन्हें लिखित में आदेश भी भेजा गया है। कहा गया है कि कोरोना संक्रमित सूबेदार के क्लोज कॉन्टेक्ट में रहे अधिकारियों-जवानों को तत्काल बटालियन के ही अस्पताल में क्वारंटाइन किया जाए। उसके बाद पूरी बटालियन को भी क्वारंटाइन किया जा सकता है। बटालियन के सभी जवानों के स्वास्थ्य की सघन निगरानी के लिए कहा गया है। 

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सेलाकुई में भी बढ़ाई सतर्कता 

सेलाकुई निवासी युवक में कोरोना की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने वहां भी सर्विलांस बढ़ा दी है। रविवार को भी वहां चिकित्सकों व आशाओं की टीम भेजी गई। यह लोग युवक के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके अलावा घर-घर जाकर यह भी देखा जा रहा है कि किसी को सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार आदि तो नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। बता दें, दुबई से लौटे सेलाकुई के युवक में शनिवार को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उसके परिवार के चार लोगों को भी एहतियातन दून अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उनका सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज स्थित लैब में भेजा गया है।

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Posted By: Raksha Panthari

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