देहरादून, सुमन सेमवाल। अनलॉक-4.0 शुरू होते ही कोरोना संक्रमण की दर तेजी से ऊपर चढ़ी है। इसका असर प्रदेश के रिकवरी (स्वस्थ होने) रेट पर भी पड़ा है। देश से इसकी तुलना की जाए तो उत्तराखंड में स्वस्थ होने की दर करीब 11 फीसद कम है। हालांकि, राहत की बात यह है कि संक्रमण की दर और मृत्यु दर में उत्तराखंड के हालात राष्ट्रीय औसत से बेहतर हैं।

बेशक उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित व्यक्ति देश की अपेक्षा धीमी रफ्तार से स्वस्थ हो रहे हैं, मगर संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से कम होना राहत की बात जरूर है। यह राहत इसलिए नहीं है कि यहां सैंपलिंग कम हो रही है, बल्कि सैंपलिंग की दर में भी उत्तराखंड की स्थिति बेहतर है। देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 42 हजार 977 टेस्ट किए जा रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में यह संख्या 55 हजार टेस्ट से अधिक है। इस लिहाज से हम प्रति 10 लाख जनसंख्या पर करीब 13 हजार अधिक टेस्ट कर रहे हैं। इससे न सिर्फ कोरोना संक्रमण के मामले जल्द पकड़ में आ रहे हैं, बल्कि जरूरत के मुताबिक उन्हें जल्द उपचार भी मिल रहा है। शायद यही कारण भी है कि हमारी मृत्यु दर देश के मुकाबले कम है। क्योंकि गंभीर मरीजों को जितनी जल्द उचित उपचार मिलेगा, उनकी मृत्यु होने की आशंका उतनी कम हो जाएगी।

उत्तराखंड व देश में कोरोना की तस्वीर

                   उत्तराखंड, राष्ट्रीय औसत

  • संक्रमण दर,  6.77 फीसद, 8.48 फीसद 
  • रिकवरी रेट, 67.54 फीसद, 78.55 फीसद
  • मृत्यु दर,   1.26 फीसद, 1.63 फीसद
  • प्रति 10 लाख पर सैंपलिंग, 55.03, 42.97

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डबलिंग रेट देश से कम

अनलॉक के चौथे चरण में कोरोना के अचानक रफ्तार पकडऩे से उत्तराखंड में कोरोना अब देश के मुकाबले कम दिनों में डबल हो रहा है। साप्ताहिक (10 से 16 सितंबर) आधार पर इसका आकलन करें तो यहां डबलिंग रेट 19.88 दिन है। वहीं, देश में कोरोना के डबल होने की दर 34 दिन है। हालांकि, संक्रमण की संख्या ऊपर चढऩे के साथ मामले डबल होने में अधिक दिन लेते हैं। 

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