जागरण संवाददाता, देहरादून : Corona Cases in Uttarakhand : प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 177 नए मामले मिले हैं, जबकि दो गुना से अधिक 396 मरीज स्वस्थ हुए हैं। शुक्रवार को कोरोना से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

वहीं, संक्रमण दर 10.39 प्रतिशत रही। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1220 है। देहरादून में सबसे अधिक 626, नैनीताल में 165 और हरिद्वार में 85 सक्रिय मामले हैं।

देहरादून में सबसे अधिक 84 लोग संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में निजी व सरकारी लैब से 1703 सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें से 1526 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

देहरादून में सबसे अधिक 84 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा नैनीताल में 24, रुद्रप्रयाग में 16, हरिद्वार में 14, ऊधमसिंह नगर व पौड़ी में 12-12, टिहरी में पांच, पिथौरागढ़ में चार, अल्मोड़ा व बागेश्वर में दो-दो, चमोली व उत्तरकाशी में एक-एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है।

चम्पावत में कोरोना का कोई नया मामला नहीं मिला। इधर, विभिन्न जिलों से 1650 सैंपल कोरोना जांच को भेजे गए। इस साल प्रदेश में कोरोना के 1,00,835 मामले आए हैं। इनमें से 95,720 (94.93 प्रतिशत) लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। कोरोना से इस साल 307 मरीजों की मौत भी हुई है।

गोल्डन कार्ड से जुड़ी सभी विसंगतियां होंगी दूर: डा. धन सिंह रावत

आयुष्मान योजना के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों व पेंशनधारकों को दी जा रही सुविधा में आ रही कुछ समस्याओं को शीघ्र दूर कर लिया जाएगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है।

स्वास्थ्य महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय समिति गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को लेकर अन्य राज्यों का अध्ययन कर एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने आयुष्मान योजना की समीक्षा कर गोल्डन कार्ड की विसंगतियों को लेकर विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा के बाद आवश्यक निर्देश दिए।

डा. रावत ने बताया कि गोल्डन कार्डधारकों को उपचार के दौरान आ रही परेशानियों के समाधान व योजना के अंतर्गत और अधिक सुविधाएं देने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है।

समिति में विभाग की ओर तीन और राज्य कर्मचारी संगठनों की ओर से दो सदस्यों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर राजकीय पेंशनर को गोल्डन कार्ड योजना में शामिल होने या न होने के लिए दोनों विकल्प उपलब्ध करा दिए गए हैं। अब उनकी इच्छा पर निर्भर है कि वह गोल्डन कार्ड योजना में शामिल होना चाहते हैं या नहीं।

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ एवं अपर सचिव स्वास्थ्य अरुणेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक 30 हजार से अधिक कार्मिकों व पेंशनर का उपचार किया जा चुका है। इसके लिए प्राधिकरण विभिन्न अस्पतालों को लगभग 78 करोड़ का भुगतान कर चुका है।

सर्वाधिक 16,282 लाभार्थियों ने जनरल मेडिसिन, 3653 ने नेत्र चिकित्सा, 2484 ने जनरल सर्जरी, 2078 ने ओंकोलाजी, 1055 कार्डियोलाजी, 885 ने यूरोलाजी, 866 ने आर्थोपेडिक और 819 महिला कार्मिकों ने स्त्री एवं प्रसूति रोगों का उपचार लिया।

इसके अलावा योजना के अंतर्गत कुल 16,844 लाभार्थियों के ओपीडी बिलों का 24 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार 26,508 लाभार्थियों के आइपीडी बिलों का 60 करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है।

बैठक में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन डीके कोटिया, स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा आशीष श्रीवास्तव, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. शैलजा भट्ट, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. मीतू शाह, संयुक्त निदेशक डा. आरपी खंडूड़ी, वित्त नियंत्रक खजान चंद्र पांडेय सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Edited By: Nirmala Bohra