राज्य ब्यूरो, देहरादूनः पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में सहकारिता एक बड़ा माध्यम बनने जा रहा है। राज्य में समेकित सहकारी विकास परियोजना के लिए 3500 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सहकारिता राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को मोथरोवाला स्थित पशुपालन निदेशालय में हुई परियोजना की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। इस मौके पर कार्ययोजना की डीपीआर पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। सचिव सहकारिता आर.मीनाक्षी सुंदरम ने प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सहकारी विकास परियोजना के जरिये सहकारिता क्षेत्र की संस्थाओं को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर विभागीय मंत्री डॉ.रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र से पलायन रोकने, रोजगार एवं व्यवसाय के अवसरों में बढ़ोत्तरी, जीवन स्तर में सुधार, मृतप्राय सहकारी समितियों को पुनरुद्धार की दिशा में यह कार्ययोजना अहम होगी। डॉ.रावत ने कहा कि कार्ययोजना का उद्देश्य पर्वतीय उत्पादों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग सहकारी समितियों के माध्यम से करना है। इसके अलावा भेड़-बकरी, मत्स्य, रेशम व डेरी, पर्यटन आदि क्षेत्रों को भी फंडिंग की जाएगी। बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह रावत, संजीव आर्य, नवीन चंद्र दुम्का, बलवंत सिंह भौंर्याल, सहकारी संघ के अध्यक्ष दान सिंह रावत, यूसीएफ के अध्यक्ष घनश्याम नौटियाल, निबंधक सहकारी समितियां बीएम मिश्रा आदि मौजूद थे।