देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में संविधान दिवस पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और सभी शक्तियों का स्रोत भी है। हमारा संविधान जाति, वर्ग, धर्म और लिंग, हर भेद से परे, सभी को अवसर और जीवन की समानता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी की तरह आज 26 नवंबर का दिन भी देश के लोगों के लिए पवित्र और पूजनीय दिवस है। 70 वर्षों से भारतीय संविधान ने बार-बार अपनी श्रेष्ठता और अपनी प्रासंगिकता सिद्ध की है।

राज्यपाल मौर्य ने कहा, भारतीय संविधान में हमारे संविधान निर्माताओं की दूर-दृष्टि का समावेश है। संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर ने कहा था कि संविधान सिर्फ वकीलों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह जीवन-साधना है और इसकी भावना युग की भावना है। उन्होंने प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद और डॉ.आंबेडकर समेत सभी संविधान निर्माताओं को नमन किया। 

राज्यपाल ने कहा कि संविधान हमें हमारे मूल अधिकार देता है लेकिन इनके साथ ही संविधान हमें हमारे मूल कर्तव्यों की शिक्षा भी देता है। भारत वर्ष की एकता अखंडता सुनिश्चित करने और इसे विश्व गुरु की पदवी पर आसीन करने के लिए हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ मूल कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना और इसका पूरी तरह पालन करना होगा। इस मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण भी किया। 

वहीं, सचिव राज्यपाल रमेश कुमार सुधांशु ने कहा कि हमारा संविधान समता का विधान है। भारत के लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक शामिल है। संविधान की प्रस्तावना सटीक है जिसमें संविधान का सार है। हमें अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों को भी महत्व देना चाहिए।

कांग्रेस ने डॉ. आंबेडकर को किया याद 

संविधान दिवस के अवसर पर ऋषिकेश में उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव जयपाल जाटव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने संविधान समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया। इस अवसर पर जयपाल जाटव ने कहा कि बाबा साहब ने देश को ऐसा सविधान दिया, जिससे आज देश का नाम दुनिया में रोशन है। हमें बाबासाहेब के बताए रास्ते पर चलकर देश और समाज के हित के कार्य करने चाहिए। जाटव ने कहा कि बाबा साहब ने एक नारा दिया था स्वाभिमानी बनो, शिक्षित बनो तभी समाज की उन्नति होगी।   

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संविधान दिवस पर स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन 

रुड़की में संविधान दिवस के मौके पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसके तहत केएलडीएवी पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से संविधान दिवस मनाया गया। इस मौके पर कॉलेज की प्राचार्य डा. यशोदा मित्तल ने स्वयंसेवियों को देश और संविधान के प्रति निष्ठावान रहने और कर्तव्य परायणता के मार्ग पर चलते हुए देश के विकास में सहयोग करने की शपथ दिलाई। एनएसएस के समन्वयक डा. मोनू राम ने संविधान को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व का प्रतीक बताया।

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वहीं, एसएसडीपीसी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में संविधान दिवस के मौके पर अनेकता में एकता को दर्शाते हुए झांकी का प्रदर्शन किया गया। साथ ही स्वयंसेवियों ने मानव श्रृंखला बनाई। इसी प्रकार से मैथोडिस्ट गर्ल्स पीजी कॉलेज और बीएसएम पीजी कॉलेज में भी संविधान दिवस के मौके पर व्याख्यान और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

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Posted By: Raksha Panthari

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