विकासनगर, जेएनएन। विकासखंड विकासनगर में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए शनिवार को हुए नामांकन के बाद स्थितियां काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। भाजपा के साथ खड़े दिखाई दे रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य जहां पार्टी की मजबूती को दर्शा रहे हैं, वहीं कांग्रेस की चुनाव के प्रारंभ से ही कमजोर साबित हुई रणनीति अब भाजपा में होने वाली किसी गुटबाजी की उम्मीद पर टिक गई है। 

संख्या के हिसाब से अधिक दिखाई दे रहे भाजपा समर्थक सदस्य कांग्रेसी खेमे के लिए मायूसी का विषय बन रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने काफी जद्दोजहद के बाद अपने प्रत्याशियों के नामांकन कराकर भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित होने से रोक तो दिया, लेकिन मतदान में कांग्रेस कितने सदस्यों का समर्थन हासिल कर पाएगी यह एक बड़ा सवाल है। दरअसल ब्लॉक प्रमुख को लेकर शुरू हुए सियासी गुणाभाग में कांग्रेस पहले ही दिन से कमजोर दिखाई दी। कांग्रेस ने चुनाव के लिए अपनी कोई रणनीति बनाने के बजाए भाजपा के भीतर होने वाली गुटबाजी की उम्मीद पर अपनी सारी राजनीति को केंद्रित कर दिया। 

सूत्रों की मानें तो भाजपा हाईकमान ने समय रहते बड़े पैमाने पर होने वाली इस गुटबाजी को समाप्त कराकर कांग्रेस की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ब्लॉक राजनीति में सक्रिय रहने वाले भाजपा के नेताओं के एक हो जाने से कांग्रेस सड़क पर आ गई।

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हालांकि इसके बावजूद कांग्रेस ने हिम्मत दिखाते हुए अपने प्रत्याशियों का नामांकन कराकर भाजपा प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित होने से तो रोक लिया, लेकिन भाजपा की जीत को रोकने में वो कैसे कामयाब होगी, यह सवाल कांग्रेस के सामने खड़ा हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संजय किशोर का कहना है कि धन बल के सामने न टिककर व अपने क्षेत्र की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए काफी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्य उनके प्रत्याशियों को वोट डालेंगे। 

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