जागरण संवाददाता, देहरादून :

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ)के निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के विरोध में कांग्रेसियों ने देहरादून स्थित सीबीआइ कार्यालय में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही इस संबंध में एसपी सीबीआइ अखिल कौशिक के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया।

प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों का नेतृत्व करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा शासन में जिस प्रकार सीबीआइ, ईडी, सीवीसी, यूपीएससी जैसे संवैधानिक संस्थाओं का अपने हित में दुरुपयोग किया जा रहा है। इस प्रकरण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय न्याय व्यवस्था बदनामी हो रही है। संवैधानिक संस्थाओं का भाजपा के शासन में लगातार पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन स्वायत्त संस्थाओं पर भरोसा करती है। यह मानकर चलती है कि किसी भी संकट या खतरे की स्थिति में यही संस्थाएं उसके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगी, लेकिन ताजा प्रकरण ने देश की जनता के इस भरोसे पर चोट पहुंचाई है।

काग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा राफेल घोटाले की जांच कर रहे थे और संभवत: उनके हाथ सबूत भी लगे थे। इसीलिए उन्हें केंद्र केइशारे पर छुट्टी पर भेज दिया गया है। जो संवैधानिक संस्थाओं के कार्य में गैर कानूनी एवं असंवैधानिक हस्तक्षेप है। सीबीआइ देहरादून शाखा प्रमुख अखिल कौशिक के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष, सूर्यकांत धस्माना, पूर्व विधायक राजकुमार, गोदावरी थापली, प्रभुलाल बहुगुणा, महानगर अध्यक्ष लाल चंद शर्मा, समन्वयक राजेंद्र शाह, अशोक वर्मा, डॉ.आरपी रतूड़ी, महेश जोशी आदि शामिल थे।

Posted By: Jagran

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