देहरादून, जेएनएन। प्रदेश में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्त्‍ताओं ने गुरुवार को राजभवन कूच किया। पुलिस ने हाथीबड़कला में बेरिकेडिंग लगाकर कांग्रेसियों को रोक लिया तो वह भड़क गए और नारेबाजी करते हुए बेरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने लगे। इसको लेकर उनकी पुलिस से झड़प हो गई। जिसमें कई प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए। हंगामा न थमने पर पुलिस ने कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन ले गई। वहां भी नेताओं ने मुख्यमंत्री व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए नारेबाजी और सभा की। शाम को सभी कांग्रेसियों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर सुबह से ही राजपुर रोड स्थित कांग्रेस भवन में कार्यकर्त्‍ताओं का जमघट लगने लगा था। दोपहर करीब 12 बजे कार्यकर्त्‍ताओं ने रैली के रूप में मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजभवन के लिए कूच किया। रैली की अगुआई प्रदेश प्रभारी देवेंद्र रावत, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कर रहे थे। महिला कांग्रेस कार्यकर्त्‍ता डफली बजाते हुए रैली के साथ चल रही थीं। कार्यकर्त्‍ता हाथीबड़कला चौक पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

आगे बढ़ने के लिए कांग्रेसी बेरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने रोका तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदशर्नकारियों को खदेड़ना शुरू किया तो तमाम कांग्रेसी वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हरीश रावत, प्रीतम सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने कार्यकर्त्‍ताओं को संबोधित किया। हंगामा बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान और एसपी सिटी श्वेता चौबे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का आदेश दे दिया। पुलिस ने 60 कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया।

मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

हाथीबड़कला चौक पर कार्यकर्त्‍ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पर उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के आरोप होने पर सीबीआइ से जांच कराने के आदेश दिए थे, जिस पर मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन, मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। इससे यह मामला और गंभीर बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जीरो टॉलरेंस के जुमले के साथ भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की जनता को गुमराह करने वालों को बेनकाब करके रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह गंभीर मामला है और अब मुख्यमंत्री को एक क्षण भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

ये भी रहे कूच में शामिल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, सह प्रभारी राजेश धर्माणी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, रणजीत रावत, पुरोला विधायक राजकुमार, पूर्व विधायक राजकुमार, हरीश धामी, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, सुनीता प्रकाश, आर्येद्र शर्मा, जोत सिंह गुनसोला, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, विजय सारस्वत आदि।

कार्यकर्त्‍ता का पैर टूटा

पुलिस से झड़प के दौरान कांग्रेस कार्यकर्त्‍ता मोहन काला का पैर फ्रैक्चर हो गया तो सूर्यकांत धस्माना समेत कई अन्य कार्यकर्त्‍ताओं को मामूली चोटें भी आईं। इस दौरान पुलिस क्षेत्रधिकारी सदर अनुज कुमार भी जमीन पर गिर पड़े। घायल मोहन काला काफी देर तक सड़क के किनारे पड़े रहे। पुलिस से नोकझोंक थमने के बाद कांग्रेस कार्यकर्त्‍ताओं ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

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एका दर्शाने की भी कोशिश

राजभवन कूच के दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एका दर्शाने का भी प्रयास किया। दोनों दिग्गज नेताओं ने मीडिया से मुखातिब होते हुए यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस में कोई मनमुटाव या गुटबाजी नहीं है। सभी नेता और कार्यकर्त्‍ता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत बनाने व आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कार्यकर्त्‍ताओं में भी जोश भरा। प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने नए प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव के नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस में नई ऊर्जा का संचार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि देवेंद्र यादव युवा हैं। उन्होंने राजस्थान और बिहार में कांग्रेस कार्यकर्त्‍ताओं का कुशलता से नेतृत्व किया है।यह भी पढ़ें: सीएम के इस्‍तीफे की मांग को लेकर आप कार्यकर्त्‍ताओं ने किया सीएम आवास कूच, पुलिस ने रोका

Edited By: Sunil Negi