देहरादून, राज्य ब्यूरो। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण ने सूबे की सियासत को गर्मा दिया है। राम मंदिर निर्माण को बुधवार को भूमि पूजन को लेकर प्रदेश सरकार व भाजपा ने जहां दीपोत्सव कार्यक्रम रखा है, वहीं प्रदेश में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए देश की जनता को इस शुभ अवसर पर बधाई दी। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भगवान राम में हमारी भी आस्था है।  

आम जन भावना से जुड़े राम मंदिर के मुद्दे से अमूमन कन्नी काटने वाली कांग्रेस के प्रदेश नेता भी बहुत संभल कर बयानबाजी करते रहे हैं। भाजपा के रुख के जवाब में पूरी तरह चुप्पी साधना भारी न पड़े, इसे लेकर प्रदेश में भी कांग्रेस नेताओं में बेचैनी साफ दिख रही है। नतीजतन मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश ने भी वक्तव्य जारी किया।

अपने बयान में उन्होंने राम मंदिर निर्माण का श्रेय भाजपा या केंद्र की सरकार के बजाय सुप्रीम कोर्ट को दिया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के एतिहासिक निर्णय अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस अवसर पर हम सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने जनता को इस शुभ अवसर पर बधाई दी। 

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं हैं। उनके मंदिर का शिलान्यास हो रहा है, यह खुशी की बात है। भगवान राम में हमारी भी आस्था है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने अयोध्या में राम मंदिर स्थापना समारोह में विपक्ष के नेताओं को नहीं बुलाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत ने राम मंदिर की तर्ज पर सड़क चौड़ीकरण की वजह से हटाए गए मंदिरों की स्थापना के लिए भूमि देने की मांग सरकार से की। 

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