देहरादून, जेएनएन। राजधानी देहरादून में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शनिवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर अमीता उप्रेती से महानिदेशालय में मुलाकात की। इस दौरान धस्माना ने बताया कि सबसे बड़े दून अस्पताल मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन पिछले सात माह से खराब पड़ी है और अस्पताल में मानकों के हिसाब से एक तिहाई स्टाफ भी तैनात नहीं है। इतना ही नहीं ठेके पर रखे गए कर्मियों को छह महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ। इससे शौचालयों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। 

सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि चिकित्सक मरीजों से दवा बाजार से खरीदने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि दून और उत्तराखंड  के अनेक शहरों में डेंगू को लेकर सरकार के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी लापरवाही बरत रहे हैं। जिस कारण प्रदेश भर में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दून का एक बड़ा हिस्सा डेंगू और संक्रामक बीमारियों की चपेट में है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा केवल बीमारों के आंकड़े कम करने में रुचि दिखा रहा है। 

सूर्यकांत धस्माना ने कहा, नया गांव, पेलियो, भुड्डी, रतनपुर, सेलाकुई, छोटा रामपुर, बड़ा रामपुर और हरबर्टपुर तक संक्रामक बीमारियां पैर पसार चुकी हैं। उन्होंने मांग की कि तत्काल राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए आपातकालीन योजना बनाई जाए। साथ ही राज्य में मानकों के अनुसार स्वीकृत पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए। सूर्यकांत धस्माना ने ये भी मांग की कि सभी अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसोनी, लाखीराम बिजल्वाण, प्रदेश सचिव देवेंद्र बुटोला, कमर सिद्दीकी, महेश जोशी, राजेश चमोली आदि मौजूद रहे। 

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Posted By: Raksha Panthari

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