देहरादून, राज्य ब्यूरो। ढाई साल से लटक रही प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के जंबो आकार को लेकर पेच फंस गया है। अपनी नई टीम को लेकर प्रतीक्षारत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह नई कार्यकारिणी का आकार बड़ा रखने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह में नई कार्यकारिणी को छोटा करने को लेकर हिचक बनी हुई है। ऐसे में नई कार्यकारिणी को लेकर इंतजार कुछ दिन और बढ़ता नजर आ रहा है। 

वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बुरे प्रदर्शन के बाद पार्टी हाईकमान ने प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए प्रीतम सिंह को कमान तो सौंप दी, लेकिन उन्हें नई टीम के लिए लंबा इंतजार कराया गया है। ढाई साल बाद भी प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक पहले तय किया गया था कि नई कार्यकारिणी का आकार छोटा यानी 50 से कम रखा जाएगा, लेकिन बाद में इस मुद्दे पर पार्टी के रुख में बदलाव हो गया। इस बदलाव की वजह प्रदेश में पार्टी दिग्गजों के बीच नई कार्यकारिणी में अपने समर्थकों को जगह दिलाने को लेकर जिद्दोजहद तेज हो गई। इससे यह तय किया गया कि नई कार्यकारिणी जंबो होगी। इसकी संख्या तकरीबन 145 तक रहेगी। 

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह बड़ी कार्यकारिणी को लेकर हिचकिचा रहे हैं। पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी का आकार 50 से भी छोटा बताया जा रहा है। प्रीतम सिंह की हिचक के पीछे इसे बड़ा कारण माना जा रहा है।

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उत्तरप्रदेश जैसे बड़े और विशाल राज्य में कार्यकारिणी आकार छोटा और पड़ोसी छोटे राज्य उत्तराखंड में जंबो आकार रखे जाने को प्रीतम खेमा सही नहीं मान रहा है। दूसरी ओर प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह कार्यकारिणी का आकार कम करने के पक्ष में नहीं बताए जा रहे हैं। फिलहाल इस खींचतान ने नई 

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