जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : परमार्थ निकेतन की ओर से आयोजित पांच दिवसीय मासिक धर्म सुरक्षा व स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया है। जिसमें व्यक्तित्व विकास, व्यवहार व दृष्टिकोण में परिवर्तन, विद्यालय, सामुदायिक स्थलों के शौचालयों की साफ रखने जैसे अनेक विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

शनिवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित शिविर के समापन पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने पांच दिनों तक परमार्थ में रहकर मासिक धर्म के विषय में जानकारी देने के साथ व्यक्तित्व विकास, व्यवहार और दृष्टिकोण में परिवर्तन, विद्यालय, सामुदायिक स्थलों के शौचालयों की स्वच्छता, सैनेटरी पैड का सुरक्षित निस्तारण जैसे अनेक विषयों पर प्रशिक्षण दिया। शिविर में दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, केरल, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, तेलगंना आदि राज्यों के लगभग 100 से अधिक उच्च शिक्षा प्राप्त प्रतिभागी आए थे। इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने प्रतिभागियों को मासिक धर्म के प्रति भ्रातिंयों को समाप्त करने में अपना योगदान प्रदान करने का संकल्प कराया।

डब्ल्यूएसएससीसी के समन्वयक विनोद मिश्रा ने कहा कि भारत में प्रतिमाह 30 से 40 करोड़ महिलाएं प्रतिमाह मासिक धर्म से गुजरती हैं। लेकिन सदियों से इस विषय पर हम सभी चुप्पी साध कर बैठे हैं। वक्त आ गया है कि हम इस विषय पर व्याप्त चुप्पी को तोड़ें और बेटियों को एक नयी उड़ान दें। नाइजीरिया से आई प्रमुख प्रशिक्षक आईरिन ने कहा कि मुझे विश्व के अनेक देशों में मासिक धर्म सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण देने का अवसर प्राप्त हुआ मगर इस विषय पर किसी संत को इतने स्पष्ट रूप से समर्थन करते पहली बार देखा। इसके लिये उन्होंने स्वामी को धन्यवाद दिया। कार्यशाला के समापन अवसर पर स्वामी महाराज ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भेंट किए।

Posted By: Jagran

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