देहरादून, जेएनएन। 'कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा।' आत्मविश्वास और जोश से लबरेज 459 जेंटलमैन कैडेट्स ने पासिंग आउट परेड के रैतिक पूर्वाभ्यास में कदम से कदम मिलाया। आइएमए के ड्रिल स्क्वायर पर परेड की। अंतिम पग भरा तो हेलीकॉप्टरों ने इन पर पुष्प वर्षा की। मौका था कमान्डेंट परेड का। आइएमए के कमान्डेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा ने परेड की सलामी ली। 

भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) से शनिवार को 459 कैडेट पास आउट होंगे, जिसमें 382 भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगे, जबकि अन्य 77 विदेशी कैडेट हैं। इन कैडेट्स ने गुरुवार को कमान्डेंट परेड में कदमताल की। कमान्डेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसके झा ने कैडेट्स में जोश भरते कहा कि सेना की प्रतिष्ठा अब उनके कंधों पर है। सैन्य अफसर बनने की राह पर अग्रसर कैडेट्स ने कड़ी मेहनत के बूते यह सम्मान हासिल किया है। वह सेना के मूल सिद्धांत चरित्र, साम‌र्थ्य, प्रतिबद्धता और करुणा के जरिये इसे बनाए रखें। 
उच्च आदर्श और उत्कृष्टता उनके कार्यो में प्रतिबिंबित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सैन्य अफसर की अपने हरेक जवान के प्रति भी जिम्मेदारी बनती है। उसके भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करें। विदेशी कैडेट्स को उन्होंने प्रशिक्षण में सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए बधाई दी। कमान्डेंट ने कहा कि यहां न केवल उन्होंने जीवनभर के लिए दोस्त बनाए हैं, बल्कि अपने देश का भी बहुत अच्छे ढंग से प्रतिनिधित्व किया। 
कड़े प्रशिक्षण से गुजरकर अब वह अपने देश की सेना का हिस्सा बनने को तैयार हैं। आइएमए में विकसित एकजुटता का यह भाव दुनिया के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और उनसे निपटने में कारगर सिद्ध होगा। इस दौरान सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, स्कूली बच्चे व कई गणमान्य लोग परेड देखने पहुंचे थे।

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