जागरण संवाददाता, देहरादून। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के उद्घाटन के अवसर पर अपने बचपन के पलों को याद किया। उन्होंने कहा कि जब मैं बच्चा था तो फुटबाल खेलता था। मुझे याद है मैं कक्षा चार में पढ़ता था। तब एक मैच खेल रहा था। मैं गोल कीपर था। उस दौरान एक बच्चे ने बहुत तेज कर गेंद मेरी तरफ मारी। मैंने गेंद पर अपना हाथ लगाकर गोल होने से रोक दिया, लेकिन मैं गेंद को हाथ में उठा नहीं सकता था, क्योंकि मेरा हाथ टूट चुका था। एक बार और मेरा हाथ टूटा था। उन्होंने बच्चों को एक सीख देते हुए कहा कि जीवन में जो भी काम करना, उसे पूरी मेहनत लगन से करना है। हमें जीवन मे संकल्प लेकर अपनी मंजिल तक पहुंचना है। चाहे इस बीच कोई भी परिस्थितियां हो। लेकिन हमें अपने लक्ष्य अपने संकल्प तक पहुंचना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड खेल प्रदेश के रूप में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ बचपन के कई किस्से साझा कर उन्हें लक्ष्य साधने और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। यह बातें उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोट्र्स कालेज में युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के उद्घाटन पर कहीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल महाकुंभ का ध्वजारोहण किया। इस दौरान उनके साथ खेल मंत्री अरविंद पांडे ने सभी जिलों की टीमों के मार्च पास्ट की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों का महत्व हमारे जीवन में सूर्य के उस प्रकाश की भांति हैं, जो अपनी पहली किरण के साथ अंधकार को मिटाता है। खिलाड़ि‍यों में समयबद्धता, धैर्य व अनुशासन बनाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में समय का सदुपयोग बहुत जरूरी है, समय कभी वापस लौटकर नहीं आता। कहा कि अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विकल्प रहित संकल्प का होना जरूरी है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2019-20 व 2020-21 के लिए चयनित युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर सचिव खेल दीपेंद्र चौधरी, खेल व युवा कल्याण निदेशक जीएस रावत, अजय अग्रवाल, नीरज गुप्ता, डा. धर्मेंद्र भट्ट, सतीश सार्की आदि मौजूद रहे।

नई नीति में खिलाड़ि‍यों को हर संभव सुविधा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों व खिलाड़ि‍यों को बढ़ावा देने के लिए खेल नीति-2021 लागू की है। खेल नीति में खिलाड़ि‍यों के उन्नयन, खेल प्रतिभाओं को तलाशने, निखारने व उभारने, खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने, खिलाड़ि‍यों के नियोजन, सामान्य आहार के साथ-साथ बेहतर डाइट की व्यवस्था, खिलाड़ि‍यों के लिए रोजगार के अवसर तथा पूर्ण सुविधाएं प्रदान करने का प्रविधान किया गया है। युवाओं में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रविधान किया गया है।

निर्माण कार्यों की एक सप्ताह में रिपोर्ट दें सचिव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल सचिव दीपेंद्र चौधरी को निर्देश दिए हैं कि खेल विभाग की ओर से कराए गए सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में दी जाए। रिपोर्ट में यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य की गुणवत्ता के प्रति कोई लापरवाही न हो। कार्य के प्रति लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

खेल महाकुंभ ने गांव-गांव से प्रतिभाओं को खोजा

खेल मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि खेल महाकुंभ से खिलाड़ि‍यों को प्लेटफार्म मिल रहा है। ग्राम स्तर से प्रतिभाओं को खोजा जा रहा है। राज्य की नई खेल नीति में खिलाडिय़ों को हर संभव सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है। नई खेल नीति की व्यवस्था में ट्रेनिंग के दौरान खिलाडिय़ों को आने वाली कठिनाइयों का निवारण किया गया है।

आठ सौ मीटर में सुहानी, खुशी व नीतू अव्वल

राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में पहले दिन एथलेटिक्स की आठ सौ मीटर दौड़ में बालिका अंडर-14 आयु वर्ग में ऊधमसिंह नगर की सुहानी कश्यप प्रथम, रुद्रप्रयाग की आंचल दूसरे और बागेश्वर की तनुजा दानू तीसरे स्थान पर रहीं। अंडर-17 आयु वर्ग में नैनीताल की खुशी बिष्ट प्रथम, रुद्रप्रयाग की कविता दूसरे और देहरादून की अंकिता मिश्रा तीसरे स्थान पर रहीं। अंडर-21 आयु वर्ग में ऊधमसिंह नगर की नीतू प्रथम, रुद्रप्रयाग की बबीता दूसरे और देहरादून की माधवी तीसरे स्थान पर रहीं।

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Edited By: Raksha Panthri