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भ्रष्टाचार पर धामी सरकार का प्रहार: फर्जी नक्शा अपलोड कर अवैध निर्माण, सीएम ऑफिस ने कराई जांच

Published: Mon, 21 Sep 2026 07:43 AM (IST)

टिहरी जिला विकास प्राधिकरण में व्यावसायिक भवन के स्वीकृत नक्शे को ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी नक्शे से बदलने का मामला ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. व्यावसायिक भवन का स्वीकृत नक्शा ऑनलाइन बदला गया।

  2. सहायक अभियंता और भवन स्वामी की मिलीभगत उजागर हुई।

  3. मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोपनीय जांच कराई, नोटिस जारी किया।

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। व्यावसायिक भवन का एक नक्शा मंजूर किया गया, लेकिन मनचाहा निर्माण कराने के लिए आनलाइन पोर्टल पर फर्जी नक्शा अपलोड करा दिया गया। टिहरी जिला विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता व भवन स्वामी की मिलीभगत से यह कारनामा हुआ।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होने पर गोपनीय जांच कराई तो पाया कि छह अप्रैल को जो मानचित्र स्वीकृत हुआ, 30 जून को आनलाइन पोर्टल पर उसकी जगह दूसरा नक्शा अपलोड मिला। इससे प्राधिकरण में खलबली है। बताया जा रहा है कि ऐसा खेल प्राधिकरण में कई मामलों में किया गया। टिहरी जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने सहायक अभियंता पंकज भट्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब तलब किया है।

गड़बड़ी की शिकायत पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय ने कराई जांच

यह मामला सिर्फ नक्शा बदलने तक सीमित नहीं है। नोटिस के अनुसार सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर साजिशन दस्तावेज तैयार किए गए। प्राधिकरण ने इसे अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन और पद के दुरुपयोग का मामला माना है। नोटिस में कहा गया कि स्वीकृत दस्तावेज में बदलाव कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। प्राधिकरण ने जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।

उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने अथवा जवाब अभिलेखीय साक्ष्यों से अलग पाए जाने पर उत्तराखंड सरकारी सेवा नियमावली के तहत अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की संस्तुति सक्षम अधिकारी को की जाएगी।

मूल नक्शे में भी नियमों का पालन नहीं

स्वीकृत मानचित्र में स्टिल्ट पार्किंग और बेसमेंट के प्रविधानों पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि छह अप्रैल को स्वीकृत मानचित्र भी भवन उपविधि, 2011 (संशोधित-2024) के अनुरूप नहीं पाया गया। यानी नक्शा बदलने के आरोपों के साथ ही मूल नक्शे में भी नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए हैं।  

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भ्रष्टाचार पर सरकार का प्रहार

भ्रष्टाचार पर प्रदेश सरकार की सख्ती के बीच टिहरी प्राधिकरण के मामले को लेकर शासन गंभीर हो गया है। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए 1064 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 संचालित की जा रही है। इन सेवाओं के माध्यम से मिल रही शिकायतों पर मुख्यमंत्री कार्यालय सख्त कदम उठा रहा है। 

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