राज्य ब्यूरो, देहरादून

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एसआइटी जांच में शिक्षक नियुक्ति फर्जीवाड़ा मामले में दोषी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों की टीम गठित कर एक माह के भीतर यह कार्रवाई होगी। उधर, सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कार्यरत पीटीए शिक्षकों को भी फिलहाल राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा।

सचिवालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों के संबंध में बैठक हुई। इसमें पीटीए शिक्षकों के मानदेय को लेकर चर्चा हुई। इन शिक्षकों को विद्यालय प्रबंधन ने निजी स्रोत से शिक्षण कार्य सुचारू रखने को नियुक्त किया है। बताया गया कि देहरादून जिले में ऐसे 60 पीटीए शिक्षक कार्यरत हैं। बैठक में तय किया गया कि पीटीए शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता, निर्धारित अर्हता व योग्यता के साथ ही चयन की प्रक्रियाओं का पालन होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में दिसंबर, 2016 को जारी शासनादेश के मुताबिक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने एसआइटी जांच में गलत तरीके से शिक्षक बनने वालों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह कार्य फास्ट ट्रेक कोर्ट की तर्ज पर हो। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नोटिस, सुनवाई का मौका समेत तमाम विभागीय प्रक्रिया को पूरा कर कार्रवाई की जाए। इसके लिए शीघ्र योग्य अधिकारियों की समिति गठित कर सुनवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विद्यालयों के उच्चीकरण के मसले पर भी विचार हुआ। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का मुआयना किया जाए। एक ही कैंपस में जिन विद्यालयों में कम बच्चे हैं, उनका विलय किया जाए। उन्होंने छात्रों को बेहतर शिक्षा देने को परिवहन की सुविधा देने की जरूरत पर भी विचार करने को कहा है। बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, वित्त सचिव अमित नेगी, शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस