देहरादून, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद 14 महीने तक लोक निर्माण विभाग के दो अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश पर अमल नहीं हो सका। सचिवालय में लोक निर्माण अनुभाग-एक को आखिर यह दुस्साहस भारी पड़ा। शासन पूरा अनुभाग बदल चुका है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण के अन्य दो अनुभागों में भी बदलाव की तैयारी है। इन अनुभागों के जरिये सचिवालय के अन्य अनुभागों को भी मुख्यमंत्री साफ संदेश देना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने बीते वर्ष मई माह में सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर लोक निर्माण विभाग के एक अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेश पर अमल करने के बजाए संबंधित अनुभाग ने पत्रावली को ही ठंडे बस्ते के हवाले कर दिया। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि यह बड़ी चूक है। संबंधित अनुभाग ने मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव के निर्देशों के बावजूद उक्त संबंध में आलेख ही प्रस्तुत नहीं किया। हालांकि मुख्यमंत्री व उच्चाधिकारियों के आदेश पर अधिकतम एक हफ्ते में अमल होना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि अनुभाग चाहे तो एक बार उच्चादेश को पुनर्विचार के लिए भेज सकता है। अनुभागों में कामकाज की इस कार्रवाई को अब भविष्य में बदलने की तैयारी है। लोक निर्माण अनुभाग-एक के बाद अब इससे संबंधित अन्य दो अनुभागों को बदलने के संकेत हैं।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण अनुभागों के जरिये पूरे सचिवालय को ये संदेश दिया जा रहा है कि आदेशों के क्रियान्वयन में ढुलमुल रवैया अपनाया गया तो सरकार सख्त कदम उठाएगी। उक्त दोनों अभियंताओं को अब प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश जल्द जारी होगा।

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