कांग्रेस के भड़कावे में नहीं आयेगा यूपी-पंजाब का दलित वोटर, जान चुका है कांग्रेस की हकीकत: पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर हल्द्वानी प्रकरण को जातीय रंग देकर उत्तराखंड में सामाजिक विभाजन और चुनावी राज्यों में दलित वोट भड़काने का आरोप लगाया।


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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में हल्द्वानी प्रकरण को लेकर राजनीति कर रही कांग्रेस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, कांग्रेस उत्तराखंड में एक प्रकरण को जातीय रंग देकर प्रदेश में सामाजिक विभाजन की कोशिश कर रही है।
इस प्रकरण के जरिये कांग्रेस उत्तर प्रदेश व पंजाब समेत अन्य चुनावी राज्यों में दलित वोट बैंक को भड़काने का असफल प्रयास भी कर रही है। धामी ने कहा कि पूरे देश का दलित समाज कांग्रेस की हकीकत जानता है।
कांग्रेस के शासनकाल में दलित समाज और दलित नेताओं के साथ कैसा व्यवहार किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। राजनीतिक स्वार्थ के लिए दलित समाज को भड़काने की कांग्रेस की कोशिश अब उसके लिए आसान नहीं होगी।
दलित समाज जागरूक है और वह राजनीतिक दलों के आचरण तथा उनके पुराने रिकार्ड देख रहा है। हल्द्वानी प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संबंधित कार्यक्रम एक संस्था की ओर से किया गया था और इसमें स्वयं दलित समाज के पांच लोग शामिल थे।
ऐसे में पूरे घटनाक्रम को दलित समाज के अपमान या बहिष्कार से जोड़ना कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े करता है। धामी ने साफ संदेश दिया कि कांग्रेस जातीय विभाजन का मुद्दा कितना ही उछाले, उसका राजनीतिक चरित्र जनता के सामने है। दलित और पिछड़ा समाज कांग्रेस के दुष्चक्र में आने वाला नहीं है।
कांग्रेस के दुष्प्रचार को समझ गया दलित समाज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस को दलित समाज के नाम पर राजनीति करने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में दलित समाज और उसके नेताओं के साथ कैसा व्यवहार किया, यह पूरा देश जानता है, वही कांग्रेस आज चुनावी लाभ के लिए दलित हितैषी बनने का ढोंग कर रही है।
डा. आंबेडकर से लेकर बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी तक के राजनीतिक प्रसंग कांग्रेस के चरित्र के गवाह हैं। धामी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का आधार अब विकास नहीं, समाज को जाति के नाम पर बांटकर वोट हासिल करना रह गया है।
लेकिन देश का दलित और पिछड़ा समाज कांग्रेस की इस चाल को समझ चुका है। हल्द्वानी प्रकरण की सच्चाई सामने आने के बाद कांग्रेस का बनाया हुआ जातीय नैरेटिव भी बेनकाब हो गया है। अब कांग्रेस चाहे जितना दुष्प्रचार कर ले, दलित समाज उसके बहकावे में आने वाला नहीं है।
