ऋषिकेश में सीएम धामी ने चार जिलों को साधा, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर किया प्रहार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में एक कार्यक्रम के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष पर निशाना साधा, ...और पढ़ें

ऋषिकेश के आइडीपीएल मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत करते लोग। सूवि
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सीएम धामी ने ऋषिकेश से चार जिलों को साधा
सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, विपक्ष पर सियासी प्रहार
युवा और महिला उनके संबोधन के केंद्र में रहे
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश में हुए कार्यक्रम के जरिये चार जिलों को साध गए।
अपने करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने सरकार की उपब्धियां गिनाई तो विपक्षी दलों का नाम लिए बिना ही सीधा सियासी प्रहार किया। युवा और महिला उनके संबोधन के केंद्र में रहे।
रणनीतिक तौर पर ऋषिकेश चार जिलों से जुड़ा। देहरादून जिले का हिस्सा होने के साथ ही यह हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी जिले से लगा हुआ है।
मुख्यमंत्री के तौर पर पुष्कर सिंह धामी के पांच साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए इन जिलों के केंद्र बिंदू ऋषिकेश को चुना गया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में खुद को सीधे जनता से जोड़ा। कार्यक्रम स्थल पर जब उन पर पुष्प वर्षा हो रही थी तो वह जनता पर भी पुष्प बरसाने लगे और सीधे लोगों से मिले।
अपने करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने पांच साल में किए गए विकास कार्यों को गिनाया तो सरकार की उन उपलब्धियों को भी छुआ, जिसने धामी को न केवल भाजपा शासित राज्यों बल्कि पूरे देश में अलग पहचान दी।
भाषण का उनका पहला हिस्सा इन्हीं उपलब्धियों के इर्द-गिर्द रहा तो दूसरे हिस्से में वह पूरी तरह चुनाव मोड में नजर आए। विपक्ष के किसी दल का उन्होंने नाम तो नहीं लिया, लेकिन निशाने पर मुख्य तौर पर प्रदेश में सत्ता में रह चुकी कांग्रेस रही।
सीएम, बोले जिन लोगों को मौका मिला उन्होंने काम नहीं किए। कुर्सी बचाने की लड़ाई चलती रही।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकारें आती हैं, जाती हैं, वह कितने दिन मुख्यमंत्री रहे यह उनके लिए मायने नहीं रखता। महत्वपूर्ण यह है कि हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान आए।
वहीं, हरिद्वार से लेकर देहरादून, टिहरी और पौड़ी की विधानसभा सीटों को वह साध गए। हरिद्वार में विधानसभा की 11 सीटें हैं, जिसमें भाजपा के पास केवल तीन सीट है।
बाकी जिलों में भाजपा का दबदबा है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हरिद्वार में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ बाकी जिलों में दबदबा बनाए रखने पर फोकस है।
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