देहरादून, राज्य ब्यूरो। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सीबीआइ जांच पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि हरीश रावत को स्वयं सोचने की जरूरत है कि ऐसी स्थिति आई क्यों। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि अगर हम कालाबाजारी का धंधा करने वालों को अपने साथ रखेंगे, तो खुद कैसे बचेंगे। इस पर उन्हें जरूर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक और सामाजिक छवि वाले व्यक्ति को मर्यादा में रहना चाहिए।

हरीश रावत के स्टिंग प्रकरण पर भाजपा एक बार फिर कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। सीएम त्रिवेंद्र रावत के साथ ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी हरीश रावत पर इस मामले में हमला बोला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अजय भट्ट ने एक बयान में कहा कि हरीश रावत के विरुद्ध सीबीआइ द्वारा मामला दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर रावत व अन्य कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोप कि इसके पीछे भाजपा सरकारों का हाथ है, पूरी तरह आधारहीन हैं।

उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि इस जांच की प्रक्रिया तत्कालीन राज्यपाल की संस्तुति पर उस समय शुरू हुई थी, जब हरीश रावत स्वयं उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री थे। भट्ट ने कहा कि हरीश रावत सरकार ने विधानसभा में जब बहुमत साबित कर कार्य प्रारंभ किया तो उनकी कैबिनेट ने राज्यपाल की उस संस्तुति को रद करने का निर्णय लिया, जिसमें स्टिंग की जांच सीबीआइ से कराने का निर्णय लिया गया था। 

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बाद में उच्च न्यायालय ने कैबिनेट के इस निर्णय को यह कहकर रद कर दिया कि कैबिनेट को इसका अधिकार नहीं। भट्ट ने कहा कि अब सीबीआइ जांच के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंची है और उसके द्वारा हरीश रावत के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है तो कांग्रेस द्वारा इस मामले में भाजपा को आरोपित किया जाना राजनीति से प्रेरित है।

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