संवाद सूत्र, साहिया: पहाड़ दरकने से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर लालपुल के पास यातायात बाधित हो गया। लोक निर्माण विभाग ने पहाड़ से रोड पर आए मलबे को नीचे खेतों में फेंकने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के चलते अब मलबे को डंपिग जोन में डालने की तैयारी चल रही है। मंगलवार रात दस बजे से बंद जौनसार-बावर की लाइफ लाइन पर यातायात सुचारू नहीं हो पाया है। वाहनों को वाया उत्पाल्टा होते हुए 12 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर गंतव्य को जाना पड़ता है।

मंगलवार दोपहर को लालपुल के पास जिस स्थान पर पत्थर गिरने से गाड़ी पलटी थी, रात में उसी स्थान पर पहाड़ दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आने से यातायात बाधित हो गया है। आवागमन जल्द सुचारू होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। दरअसल, जिस स्थान पर मलबा आया है, वहां पर नीचे उपरोली के ग्रामीणों की सिचाई नहर और क्यारियां हैं। इसमें फसलें होने के कारण ग्रामीण मलबे को खेतों में नहीं फेंकने दे रहे हैं। इसके चलते लोनिवि को डंपर और ट्रैक्टर ट्राली से मलबे को दो किमी दूर डंपिग जोन में डालना पड़ रहा है। इस कार्य में काफी समय लगने की वजह से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर यातायात जल्द सुचारू होने में एक दो दिन का समय लग सकता है। मार्ग बाधित होने की वजह से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर दोनों तरफ मंगलवार रात से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। इसमें किसानों की उपज से भरे वाहन भी फंसे रहे, जिससे किसान भी उपज खराब होने की आशंका से परेशान दिखाई दिए। बुधवार दोपहर तक सड़क खुलने का इंतजार करने के बाद ट्रैफिक को उत्पाल्टा होते हुए निकाला जा रहा है, लेकिन उत्पाल्टा मार्ग संकरा होने की वजह से हल्के वाहन ही यहां से होकर चकराता आवाजाही कर पा रहे हैं। उधर, लोनिवि साहिया खंड के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह के अनुसार सड़क खोलने का कार्य जारी है। जेसीबी मशीन लगी हुई हैं। मलबे की डंपिग की जा रही है, जिससे ज्यादा समय लग रहा है।

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