देहरादून, जेएनएन। कागज के उपयोग के लिए हर साल कई पेड़ काटे जाते हैं। इससे न केवल पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा है। ऐसे में कागज का दुरुपयोग रोककर पर्यावरण संतुलित रखने में मदद की जा सकती है। ऐसी ही एक पहल अध्ययन लहर नाम की संस्था ने की है। पर्यावरण संरक्षण की अपनी मुहिम के तहत संस्था ने इस्तेमाल की गई कॉपियों के खाली बचे पन्नों से कॉपियां तैयार की हैं। जिन्हें गरीब बच्चों को बांटा गया। 

मंगलवार को संस्था ने नगर निगम सभागार में एक पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया। जिसकी शुरुआत महापौर सुनील उनियाल गामा ने की। स्कूली छात्राओं ने सरस्वती वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज किया। इसके अलावा विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आम जन को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में सबसे ज्यादा योगदान मनुष्य का है। इसलिए यह जरूरी है कि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए संयुक्त प्रयास करें। 

संस्था की संस्थापक दीपा गड़िया ने बताया कि वह लोग पिछले दो साल से प्रदेशभर में पर्यावरण संरक्षण अभियान चला रहे हैं। आम जनता को घर-घर जाकर जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चा जब भी दूसरी कक्षा में जाता है, तो वह पुरानी कॉपी रद्दी में दे देता है। ऐसा करने के बजाय पुरानी कॉपी के बचे पन्नों से नई कॉपी तैयार की जा सकती है।

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ऐसी दो सौ कॉपियां बनाकर जरूरतमंद बच्चों को बांटी गई हैं। इस दौरान सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, हुकुम सिंह उनियाल, सौरभ मैठाणी, दीपक सुंदरियाल, शुभम रावत, जयंत रावत, शलिनी नेगी, शिवांगी शर्मा आदि मौजूद रहे। 

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