जागरण संवाददाता, हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डामकोठी में अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। औचक निरीक्षण में साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त न मिलने पर सख्त कार्रवाई की बात कही।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों से कूड़ा निस्तारण, सफाई व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में 160 नाले हैं। जिसकी सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।

इसके लिए 124 सफाईकर्मी लगाए गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर में एक दिन में तीन बार सफाई कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों की सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए।

कभी भी अस्पताल, नगर निगम की सफाई व्यवस्था के अलावा कार्यालयों में कार्मिकों की उपस्थिति का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण में कमियां मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के भी निर्देश दिए। नेशनल हाईवे अथोरिटी आफ इंडिया की ओर से हरिद्वार में किए गए विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को बैठक में दी।

एनएचएआइ की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि राष्ट्रीय राजमार्गों में कई जगह पानी रूका रहता है। जिसकी सही निकासी नहीं होने की वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है।

इस पर अधिकारियों ने बताया कि हाईवे पर जो नालियां बनी हैं, वह केवल हाईवे के पानी की निकासी के लिए बनी है। जबकि इन नालियों में आसपास की बस्तियों और अन्य जगह का पानी भी आ जाता है।

जिसकी वजह से जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनएचएआइ और सिंचाई विभाग समन्वय स्थापित करते हुए एक समग्र योजना बनाकर इस समस्या का समाधान निकालना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान जल निगम व जल संस्थान के अधिकारियों से पानी की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है।

जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिले में 12 हजार हैंडपंप लगे हैं। जो हैंडपंप किसी वजह से खराब हो जाते हैं तो उनकी समय-समय पर मरम्मत कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता को पेयजल की कहीं पर भी कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल की प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। इस पर अधिकारियों ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया की वजह से कार्य की प्रगति कुछ धीमी रही है। इसके अंतर्गत ओवर हैड टैंक बन गए हैं। पाइप लाइन बिछा दी गई है।

जल्द ही इसमें लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में उद्योगों को पूरी बिजली दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली की चोरी की घटनाओं पर भी पूरी नजर रखी जाए। विजिलेंस की टीम को सक्रिय किया जाए और बिजली चोरी की घटनाओं में जो लिप्त पाए जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली।

बैठक में आयुष्मान कार्ड, अवैध निर्माण, अवैध अतिक्रमण, आपदा प्रबंधन, दूधाधारी चौक पर जाम की स्थिति के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ। रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक सुरेश राठौर, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेंद्र सिंह रावत, एडीएम (प्रशासन) पीएल शाह, एडीएम (वित्त व राजस्व) वीर सिंह बुदियाल आदि उपस्थित रहे।

Edited By: Nirmala Bohra