जागरण संवाददाता, देहरादून।  Chardham Yatra 2022: चारधाम की यात्रा पर तीर्थ यात्रियों का दिल कमजोर पड़ रहा है। श्रद्धालु लगातार हृदयाघात की चपेट में आ रहे हैं। अब तक 253 यात्रियों की इससे मौत हो चुकी है। आइए जानते हैं इसकी क्‍या है वजह और किन बातों को ध्‍यान रखें।

हार्ट की मानी जा रही ये वजह

  • अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों, खासकर केदारनाथ में आक्सीजन की कमी और लगातार चढ़ाई में रक्तचाप अनियमित होने से लोग को सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में हार्ट के रोगियों को भी दिक्‍कतें होती है।
  • हिमालयी क्षेत्र में स्थित चारधाम यात्रा मार्गों पर ठंड है। यहां बारिश व बर्फबारी होने से ठंड एकदम से बढ़ जाती है। मौसम में अचानक बदलाव आ जाता है। इससे यात्रियों की सेहत पर असर पड़ता है।
  • तीर्थयात्रियों को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम में काफी पैदल चलना पड़ता है। इस दौरान पहाड़ी रास्‍ते में चढ़ाई भी है। इससे ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को दिक्‍कत होती है। गर्म क्षेत्र से ठंड वाले क्षेत्र में आने से भी परेशानी होती है।

यात्रा के दौरान रखें इन बातों का ख्याल

  • तीर्थ यात्री यात्रा पर आने से पहले अपने स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराएं। इसी के आधार पर अपनी यात्रा का प्लान करें।
  • अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है तो यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर अपना स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराएं।
  •  यात्रा के दौरान हृदयरोग, श्वास रोग, मधुमेह से संबंधी रोगी विशेष सतर्कता बरतें।
  • डाक्‍टर का परामर्श पर्चा और दवाएं अपने साथ जरूर रखें।
  • गर्म कपड़े साथ ही चारधाम यात्रा पर आए।
  • चढ़ाई के दौरान दिक्कत आने पर जबरन यात्रा न करें।
  • अगर आप शुगर, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर आदि की शिकायत है तो दवाएं साथ जरूर रखें।
  • खाली पेट यात्रा न करें। यात्रा के दौरान यात्री सामान्य भोजन ग्रहण करें।
  • यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी लेते रहें।

इस स्थिति में तुरंत लें डाक्‍टर की सलाह

अगर आपको सांस फूलना या छाती में दर्द, दिल की धड़कन तेज होना, बेहोशी या चक्कर आना, मितली या उल्टी आना, सिरदर्द होना और घबराहट होना, हाथ पांव और होंठ नीले पड़ रहे है तो तुरंत डाक्‍टर की सलाह लें।

Edited By: Sunil Negi