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चारधाम यात्रा से पहले मिली राहत, कमर्शियल LPG सिलिंडर का कोटा हुआ 66 प्रतिशत

Published: Thu, 02 Apr 2026 10:52 PM (IST)

चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर का कोटा 40% से बढ़ाकर 66% कर दिया गया है।

सांकेतिक तस्वीर।

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राज्य ब्यूरो, देहरादून। चारधाम यात्रा से पहले राज्य में बढ़ती मांग के मद्देनजर व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर का कोटा बढ़ाकर नई एसओपी जारी कर दी गई है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि राज्य को जरूरत के सापेक्ष अब कुल 66 प्रतिशत व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति मिलेगी।

पहले यह कोटा 40 प्रतिशत था, जिसमें केंद्र सरकार से मिले 20 प्रतिशत के साथ पीएनजी को बढ़ावा देने के प्रयासों से अतिरिक्त छह प्रतिशत और जुड़ गया है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य चारधाम यात्रा, पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं के दौरान गैस आपूर्ति को संतुलित रखना है। यह एसओपी अगले आदेशों तक प्रभावी रहेगी।

एसओपी के अनुसार राज्य में तेल एवं गैस विपणन कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुसार आपूर्ति करेंगी, जबकि जिलाधिकारियों को नियमित रूप से आपूर्ति की जानकारी दी जाएगी। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

होटल-रेस्टोरेंट को सबसे बड़ा हिस्सा

नई एसओपी के तहत कुल 6310 व्यावसायिक सिलिंडरों का दैनिक वितरण तय किया गया है। इसमें पर्यटन क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है।

होटल व रिजार्ट के लिए 1500 सिलिंडर (24 प्रतिशत) और रेस्टोरेंट व ढाबों के लिए 2000 सिलिंडर (32 प्रतिशत) निर्धारित किए गए हैं, ताकि सीजन में सेवाएं बाधित न हों।

सरकारी व अर्द्धसरकारी गेस्टहाउसों को 300 सिलिंडर (5 प्रतिशत) दिए जाएंगे। वहीं डेयरी, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों, पीजी छात्रावास, होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों के लिए 200-200 सिलिंडर (प्रत्येक 3 प्रतिशत) तय किए गए हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों फार्मास्यूटिकल, अस्पताल, आटोमोबाइल, कपड़ा और रसायन के लिए 1250 सिलिंडर (20 प्रतिशत) आरक्षित किए गए हैं।

देहरादून को सर्वाधिक 31% आवंटन

जनपदवार कोटा गैस कनेक्शनों की संख्या और मांग के आधार पर तय किया गया है। देहरादून को 31 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक आवंटन मिला है।

हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, उधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत आवंटन दिया गया है।

टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को 4-4 प्रतिशत, पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत तथा बागेश्वर और चंपावत को 2-2 प्रतिशत हिस्सा दिया गया है।

विवाह समारोहों के लिए खास व्यवस्था

नई एसओपी में विवाह आयोजनों के लिए भी विशेष प्रविधान किया गया है। प्रति आयोजन अधिकतम दो व्यावसायिक सिलिंडर दिए जाएंगे।

इसके लिए जिलाधिकारी या नामित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा, जिसके बाद गैस एजेंसी अस्थायी कनेक्शन जारी करेगी।

विवाह समारोहों के लिए तय 660 सिलिंडरों में देहरादून और नैनीताल को 176-176 सिलिंडर आवंटित किए गए हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर को 64-64 सिलिंडर दिए गए हैं। अन्य जिलों को 18 से 24 सिलिंडर तक दिए जाएंगे।

  • कुल दैनिक वितरण: 6310 सिलिंडर
  • होटल-रिजार्ट: 1500 (24%)
  • रेस्टोरेंट-ढाबे: 2000 (32%)
  • उद्योग: 1250 (20%)
  • विवाह समारोह: 660 (10%)
  • देहरादून को सर्वाधिक 31% आवंटन

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