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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन मई को अक्षय तृतीय पर खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट, तीर्थ पुरोहितों ने निकाला शुभ मुहूर्त

By Sumit KumarEdited By:
Published: Sat, 02 Apr 2022 11:46 AM (IST)Updated: Sat, 02 Apr 2022 09:58 PM (IST)

शनिवार को नवरात्र पर गंगा धर्मशाला उत्तरकाशी में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने बैठक की। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष ...और पढ़ें

शनिवार को नवरात्र पर गंगा धर्मशाला उत्तरकाशी में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने बैठक की।
शनिवार को नवरात्र पर गंगा धर्मशाला उत्तरकाशी में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने बैठक की।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: Chardham Yatra 2022 विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट तीन मई को अक्षय तृतीय के पर्व पर खोले जाएंगे। चैत्र नवरात्र पर गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाने के शुभ मुहूर्त निकाला। गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने कहा कि गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीय पर्व के अभिजीत मुहूर्त पर ठीक सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर देश दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

शनिवार को नवरात्र पर गंगा धर्मशाला उत्तरकाशी में गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने बैठक की। जिसमें पंचांग देखकर तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाने का शुभ मुहूर्त तय किया। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल ने कहा कि दो मई को गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से गंगा की डोली दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री के लिए रवाना होगी।

मार्कंडेय मंदिर, देवी मंदिर होते हुए रात्रि विश्राम के लिए गंगा की डोली यात्रा भैरव घाटी पहुंचेगी। जहां भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। तीन मई की सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। गंगोत्री धाम पहुंचने पर गंगा लहरी पाठ, गंगा सहस्त्रनाम पाठ, गंगा हवन और गंगा आरती का कार्यक्रम होगा।

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इसके साथ ही शुभ मुहूर्त पर गंगोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भी तीन मई को अक्षय तृतीय पर ही खोले जाने हैं। यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त सात अप्रैल को यमुना जयंती पर यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों की ओर से तय किया जाएगा। इस मौके पर तीर्थ पुरोहितों में सुमेश सेमवाल, महेश सेमवाल, दिनेश सेमवाल, वशुदेव सेमवाल, प्रेमकांत सेमवाल, हरदीप शरण सेमवाल आदि मौजूद रहे।

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