राज्य ब्यूरो, देहरादून : Chardham Yatra 2022 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप केदारनाथ धाम नए कलेवर में निखर चुका है तो बदरीनाथ धाम को भी इसी तरह से विकसित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं।

अब गंगोत्री व यमुनोत्री धामों की बारी है, जिन्हें केंद्र सरकार ने तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) में शामिल किया है। प्रधानमंत्री मोदी पिछले वर्ष चार दिसंबर को देहरादून में गंगोत्री, यमुनोत्री धामों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के दृष्टिगत होने वाले कार्यों का शिलान्यास कर चुके हैं। अब पर्यटन विभाग इन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने जा रहा है।

देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं यहां

उत्तराखंड में तीर्थाटन की दृष्टि से चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री मुख्य हैं। हर साल ही यात्राकाल में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। वर्तमान में भी यह क्रम चल रहा है।

इस सबके बीच चारों धामों में यात्री सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया रहा है, ताकि तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो। इस दृष्टिकोण से केदारनाथ व बदरीनाथ में काफी कार्य हुआ है और इसी तर्ज पर गंगोत्री व यमुनोत्री में भी यात्री सुविधाओं की मांग निरंतर उठती रही है।

दोनों धामों में विभिन्न कार्यों को धरातल पर उतारने की तैयारी

इस सबको देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रसाद योजना में गंगोत्री व यमुनोत्री धामों को शामिल करते हुए वहां यात्री सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से 54.36 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की। इसमें से प्रथम किस्त के रूप में 14.06 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। अब प्रसाद योजना में दोनों धामों में विभिन्न कार्यों को धरातल पर उतारने की तैयारी है। इसके लिए पर्यटन विभाग जुट गया है।

दोनों धामों में ये होंगे काम

अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद के अनुसार प्रसाद योजना में गंगोत्री में यात्री सुविधा केंद्र का निर्माण, मंदिर में एलईडी रोशनी, प्रवेश द्वार, सार्वजनिक सुविधाएं, सीसी टीवी कैमरों की व्यवस्था, आपातकालीन अलार्म सिस्टम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व संकेतांक से संबंधित कार्य होंगे। इसी तरह यमुनोत्री धाम में प्रवेश द्वार, मंदिर में रोशनी व घाट सुंदरीकरण, मंच, दीवार निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन प्रणाली, सीसीटीवी, सूचना केंद्र, खरसाली मंदिर में विशेष रोशनी, सुरक्षा रेलिंग जैसे कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।

Edited By: Nirmala Bohra